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Gyan Sankalp Portal and Mukhyamantri Vidya Dan Kosh - ज्ञान संकल्प पोर्टल एवं मुख्यमंत्री विद्या दान कोष

June 14, 2018

ज्ञान संकल्प पोर्टल एवं मुख्यमंत्री विद्या दान कोष
 

    • राजस्थान में राजकीय विद्यालयों को आर्थिक सहयोग प्रदान करने तथा आधारभूत संरचना के सुदृढ़ीकरण के लिए दानदाता अब शिक्षा विभाग द्वारा विकसित किए जाने वाले 'ज्ञान संकल्प पोर्टल' एवं 'मुख्यमंत्री विद्या दान कोष' के जरिए अपना सहयोग कर सकेंगे।
    • स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा बनाया जा रहा यह पोर्टल फंडिंग गेप को कम करने में मददगार साबित होगा।
    • पोर्टल एवं कोष का मुख्य उद्देश्य- राजकीय विद्यालयों की मूलभूत आवश्यकताओं एवं प्राथमिकताओं के अनुसार सीएसआर, भामाशाहों, संस्थाओं व क्राउड फंडिंग के माध्यम से आवश्यक धनराशि का संग्रहण व प्रबंधन करना एवं विद्यालयों के विकास हेतु विभिन्न प्रोजेक्ट्स हेतु दानदाताओ का सहयोग प्राप्त करना हैं।
    • इस ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से भामाशाह और औद्योगिक घराने कॉर्पोरेट सोशल रेस्पोंसेबिलिटी (सीएसआर) के तहत जुड़कर सीधे राजस्थान सरकार को शिक्षा में किए जा रहे नवाचारों एवं आधारभूत सुविधाओं को बढ़ाने में अपना सहयोग दे सकते हैं।

      •  इस पोर्टल के माध्यम से भामाशाह व औद्योगिक घराने प्रदेश के विद्यालयों को सहयोग देने के उद्देश्य से गोद ले सकते हैं।
      • दानदाता अथवा सीएसआर कम्पनी परियोजना गतिविधि हेतु आवश्यक धनराशि उपलब्ध करवाकर राजस्थान माध्यमिक शिक्षा परिषद के माध्यम से परियोजना क्रियान्वित कर सकती हैं।
      • दानदाताओं द्वारा दिए जाने वाले योगदान का उपयोग राजस्थान माध्यमिक शिक्षा परिषद के द्वारा राज्य सरकार की आवश्यकताओं और प्राथमिकताओं के अनुसार विद्यालयों के विकास हेतु किया जावेगा।
      • मुख्यमंत्री विद्या दान कोष में दी गयी योगदान राशि को आयकर अधिनियम की धारा 80 (जी) के अन्तर्गत आयकर छूट प्रदान करने तथा विदेशी स्रोतों से योगदान प्राप्त करने के लिये 'फॉरेन कंट्रीब्यूशन रेगूलेशन एक्ट' के तहत पंजीकरण की आवश्यक कार्यवाही भी राज्य सरकार करेगी।
      •  ज्ञान संकल्प पोर्टल 5 अगस्त 2017 को लांच किया गया। 

      ज्ञान संकल्प पोर्टल

       

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      Dams in Rajasthan - राजस्थान के समस्त बांधों की जानकारी

      June 01, 2018
      राजस्थान के समस्त बांधों की जानकारी एक टेबल के रूप में दी जा रही है. आप इसे डाउनलोड करके अध्ययन कर सकते है. इस जानकारी को भारत के Water Resources Information System (WRIS) India से प्राप्त आंकड़ों के आधार पर दिया जा रहा है.


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      The Mahi Bajaj Sagar Project - माही बजाज सागर परियोजना-

      May 31, 2018



      यह राजस्थान एवं गुजरात की संयुक्त परियोजना है। इसका नाम प्रसिद्ध स्वतंत्रता सेनानी जमनालाल बजाज के नाम पर रखा गया था। मध्यप्रदेश के धार जिले में विंध्यांचल श्रेणी के उत्तरी ढाल से निकल कर माही नदी लगभग 169 किलोमीटर मध्यप्रदेश बहने के पश्चात बांसवाड़ा के निकट राजस्थान में प्रवेश करती है। तत्पश्चात यह नदी राजस्थान में 171 किलोमीटर बहन के पश्चात गुजरात राज्य में बहती हुई खम्भात की खाड़ी में गिरती है। इस नदी का अपवाह क्षेत्र अर्द्ध शुष्क एवं पथरीला है। यहाँ सिंचाई हेतु कुँओं की खुदाई करना बहुत कठिन कार्य है। इसी बात को ध्यान में रखते हुए यहां इस परियोजना को विकसित किया गया। यह परियोजना राजस्थान एवं गुजरात  की संयुक्त परियोजना है,जिसके निर्माण हेतु दोनों राज्यों में 1966 में एक समझौता हुआ था। सन 1971 में केन्द्रीय जल आयोग द्वारा परियोजना को स्वीकृति प्रदान की गई तथा इसका निर्माण 1972 में प्रारंभ हुआ था, जिसे नवम्बर, 1983 को तत्कालीन प्रधानमंत्री श्रीमती इंदिरा गाँधी द्वारा राष्ट्र को समर्पित किया गया।
      1966 में हुए समझौते के अनुसार राजस्थान का हिस्सा 45 प्रतिशत व गुजरात का हिस्सा 55 प्रतिशत है। बांसवाड़ा जिला जो पिछड़ा, आदिवासी ऊबड़-खाबड़ किन्तु नदी घाटियों से परिपूर्ण था, में माही बजाज सागर परियोजना की क्रियान्विति के कारण एक नए युग का सूत्रपात हुआ।
      परिणामस्वरूप यह परियोजना विभिन्न क्षेत्रों जैसे - कृषि उत्पादन में वृद्धि, खनन व्यवसाय का विकास, उद्योगों की स्थापना, वृक्षारोपण, मृदा संरक्षण, चारागाह का विकास आदि  उद्देश्यों की पूर्ति में सहायक सिद्ध हुई।
      माही नदी पर बोरखेड़ा गांव के निकट बाँसवाड़ा से 16 किलोमीटर की दूरी पर मुख्य बांध बनाया गया है। बांध की लम्बाई 3109 मीटर तथा फाउंडेशन लेवल से इसकी ऊँचाई 74.5 मीटर है, जिसका 55 प्रतिशत निर्माण खर्च गुजरात सरकार ने वहां किया है, तथा शेष 45 प्रतिशत राजस्थान सरकार द्वारा वहां किया गया है। इसका कुल जल संग्रहण क्षेत्र लगभग 6,149 वर्ग किलोमीटर (2,374 sq mi) है, जिसमें से मध्यप्रदेश में 4350 वर्ग किमी तथा राजस्थान में 1809 वर्ग कि.मी. है। इस बांध में चार दरवाजे बाढ़ के अधिक पानी को निकालने के लिए लगाए गए हैं। इस बाँध की कुल जल संग्रहण क्षमता 2070 मिलीयन घनमीटर है। बांसवाड़ा के समीप कागदी पिकअप वियर से सिंचाई के लिए दो मुख्य नहरें - दाईं व बाईं नहर निकाली गई है, जिनकी लम्बाई क्रमशः 71.22 किलोमीटर एवं 36.12 किलोमीटर है। इसकी वितरिकाओं की कुल लंबाई लगभग 854 किलोमीटर है। इस योजना के माध्यम से राजस्थान एवं गुजरात में आठ-आठ लाख हैक्टेयर भूमि पर सिंचाई सुविधा प्राप्त करते हैं। इस योजना के तहत दो बिजली स्टेशन अर्थात माही प्रथम और माही II का निर्माण किया गया है। माही प्रथम पावर हाउस माही बांध पर हैगपुरा गांव के समीप स्थित है, जिसमें 25 मेगावाट की 2 इकाइयां हैं। माही द्वितीय पावर हाउस बांध स्थल से 45 किमी की दूरी लिलवानी पर स्थित है, जिसमें 45 मेगावाट की 2 इकाइयां हैं। माही द्वितीय पावर हाउस माही प्रथम पावर हाउस के अपस्ट्रीम के पश्च पानी का उपयोग करता है। इस परियोजना में गुजरात के पंच महल जिले में माही नदी पर कड़ाना बांध का निर्माण किया गया है। इस परियोजना से डूंगरपुर व बांसवाड़ा जिलों की कुछ तहसीलों को जलापूर्ति होती है।
      बाँध की मुख्य विशेषताएँ
      #

      1Dam NameMahi Bajaj Sagar Dam
      2Dam Name Alias
      3RiverMahi
      4Nearest CityBanswara
      5DistrictPratapgarh
      6StateRajasthan
      7BasinMahi
      8StatusCompleted
      9Purpose of DamHydroelectric,Irrigation
      10Year of Commencement (YYYY)
      11Year of Completion (YYYY)1985
      12Operating & Maintainance AgencyWRD,Govt. of Rajasthan
      13Dam (Interstate/ International)Interstate
      14Dam's (Interstate/ International) Agreement
      15Dam as per Parliamentary ConstituencyBanswara
      16Seismic ZoneSeismic Zone-II
      17Type of DamEarthen/ Gravity & Masonry
      18Length of Dam (m)3109
      19Max Height above Foundation (m)74.5
      20Instrumentation Embeded in Dam
      21Total Volume Content of Dam (TCM)
      22Design Flood (cumec)25598.43
      23Type of SpillwayOgee
      24Length of Spillway (m)300
      25Crest Level of Spillway (m)268.5
      26Spillway Capacity (cumec)23270
      27Type of Spillway GatesRadial
      28No. of Spillway Gates16
      29Size of Spillway Gates (m x m)15.24 x 13.1064
      30Mode of Operation
      31Type of Energy Dissipation
      32No. of River Sluice
      33Sluice Purpose
      34Size of Sluice (m x m)
      35Remarks
      36NRLD No.RA11HH0119




      Salient Features of Mahi - I Power House माही प्रथम पॉवर हाउस की विशेषताएँ
      1Name of PowerhouseMahi - I Power House
      2Name of Powerhouse Alias
      3StateRajasthan
      4BasinMahi
      5Hydroelectric BasinCentral Indian Basins
      6Seismic ZoneSeismic Zone-II
      7Hydroelectric Development TypeStorage
      8Structure TypeDam
      9Position of PowerhouseDam Toe
      10TypeSurface
      11Status of PowerhouseOperational
      12Completion Year1986
      13Pumped StorageNo
      14Operating & Maintainance Agency
      15Net Maximum/ Minimum Head (m)50/26
      16MDDLMinimum Draw Down Level for Powerhouse (m)259
      17Annual Design Energy (MU)105
      18Firm Power (MW)15
      19No. of Turbines2
      20Capacity per Turbine (MW)25
      21Total Installed Capacity (MW)50
      22Head Class of TurbineMedium (Between 15 - 60 m)
      23Water Conductor System (km)
      24Type of TurbineFrancis
      25Turbine MakeBHEL India
      26Rated Head (m)40
      27Specific Speed (mhp)
      28Rated Speed (rpm)150
      29Generator MakeBHEL India
      30No. of Penstock2
      31Length of Penstock (m)98
      32Penstock Size (m) - Internal Diameter4.2
      33Design Discharge through each Penstock (cumec)-Flow71
      34RemarksPH Location is on surface, Length of pan stock 92
      is also given



      Salient Features Mahi - II Power House माही द्वितीय पॉवर हाउस की विशेषताएँ
      1Name of PowerhouseMahi - II Power House
      2Name of Powerhouse Alias
      3StateRajasthan
      4BasinMahi
      5Hydroelectric BasinCentral Indian Basins
      6Seismic ZoneSeismic Zone-II
      7Hydroelectric Development TypeRun of the River Small Pondage
      8Structure TypeDam
      9Position of PowerhouseOthers
      10TypeSurface
      11Status of PowerhouseOperational
      12Completion Year1989
      13Pumped StorageNo
      14Operating & Maintainance Agency
      15Net Maximum/ Minimum Head (m)85.5/57.5
      16MDDLMinimum Draw Down Level for Powerhouse (m)217.5
      17Annual Design Energy (MU)189
      18Firm Power (MW)23
      19No. of Turbines2
      20Capacity per Turbine (MW)45
      21Total Installed Capacity (MW)90
      22Head Class of TurbineMedium (Between 15 - 60 m)
      23Water Conductor System (km)40
      24Type of TurbineFrancis
      25Turbine MakeBHEL India
      26Rated Head (m)85.5
      27Specific Speed (mhp)
      28Rated Speed (rpm)250
      29Generator MakeBHEL India
      30No. of Penstock2
      31Length of Penstock (m)370
      32Penstock Size (m) - Internal Diameter5
      33Design Discharge through each Penstock (cumec)-         Flow
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      Padmakshi Award पद्माक्षी पुरस्कार

      February 28, 2018

      पद्माक्षी पुरस्कार

      • माध्यमिक शिक्षा बोर्ड अजमेर द्वारा कक्षा 8,10 व 12 की परीक्षाओं में ज़िला स्तर पर पहला स्थान प्राप्त करने वाली बालिकाओं को क्रमश: 40,000, 75,000 एवं 1 लाख रुपये व प्रमाण पत्र दिये जाएंगे। (सभी वर्ग, बी.पी.एल. एवं नि:शक्त शामिल)
      • कक्षा 8 (संस्कृत विभाग) प्रवेशिका एवं वरिष्ठ उपाध्याय की बोर्ड परीक्षा में उपरोक्त वर्गों में राज्य स्तर पर पहला स्थान प्राप्त करने वाली बालिकाओं को भी ये पुरस्कार दिये जाएंगे।
      • कक्षा 12वीं एवं वरिष्ठ उपाध्याय की पुरस्कार प्राप्त बालिकाओं को पुरस्कार राशि के अतिरिक्त स्कूटी भी दी जायेगी।
      • किसी भी वर्ग में समान अंक लाने वाली एक से अधिक बालिकाएं हों तो सभी को पुरस्कार राशि व प्रमाण पत्र दिये जाएंगे।
      • कक्षा 12वीं के कला, विज्ञान एवं वाणिज्य संकाय को मिलाकर सबसे अधिक अंक प्राप्त करने वाली बालिका को पुरस्कार हेतु पात्र माना जायेगा।
      • इन पुरस्कारों के लिए पूरक परीक्षा परिणाम को शामिल नहीं किया जाएगा।
      • पद्माक्षी पुरस्कार हर साल बसन्त पंचमी को ज़िला मुख्यालय पर आयोजित समारोह में दिया जाएगा।
      अधिक जानकारी के लिए सम्पर्क करें -- http://bit.ly/2zKeMkv

       

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      For the first time in the world, olives processed tea production in Rajasthan विश्व में पहली बार जैतून की प्रसंस्कृत चाय का राजस्थान में उत्पादन शुरू

      February 26, 2018

      विश्व में पहली बार जैतून की प्रसंस्कृत चाय का राजस्थान में उत्पादन शुरू-

      राजस्थान देश में जैतून की खेती करने वाला एवं जैतून की प्रोसेस्ड ऑलिव टी बनाने वाला विश्व का पहला राज्य बन गया है। यह रोचक बात है कि जैतून राज्य की परम्परागत फसल नहीं होने के बावजूद भी इसका उत्पादन और प्रसंस्करण राजस्थान में सफलतापूर्वक होने लगा है। अगर राज्य में जैतून उत्पादन की ओर नजर डालें, तो पता चलता है कि जैतून की खेती की शुरूआत इस सरकार के गत कार्यकाल में हुई, जब मुख्यमंत्री श्रीमती वसुन्धरा राजे के नेतृत्व में कृषि विशेषज्ञों का एक दल इजरायल गया था। वहां से लौटने के बाद मुख्यमंत्री श्रीमती वसुन्धरा राजे ने प्रदेश में जैतून की खेती करने का निर्णय लिया। 20 मार्च, 2008 को बस्सी के ढिंढोल फार्म पर जैतून के प्रथम पौधे का रोपण किया गया। राज्य के 7 कृषि जलवायु खंडों में इसका प्रायोगिक रोपण किया गया। यह प्रयोग सफल हुआ और राज्य में जैतून लहलहाने लगा। प्रदेश में जैतून अरबेक्विना, बरनियर, फ्रंटोयो, कोर्टिना, कोलोनाइकी, पासोलिन, पिकुअल किस्मों का पौधारोपण किया गया है। 

      सफल पौधारोपण के बाद इसका लगातार विस्तार होता गया। बीकानेर के लूणकरणसर में वर्ष 2014 में  5 मैट्रिक टन प्रति घंटा क्षमता वाली देश की पहली जैतून रिफायनरी स्थापित की गई। किसानोंं को उनकी उपज का उचित भाव देने के उदेश्य से राज्य सरकार द्वारा जैतून के तेल विक्रय हेतु ‘‘राजओलिव ब्रांड’’ स्थापित किया गया तथा वर्ष 2017 में बॉटलिंग प्लांट भी स्थापित कर दिया गया है। किसानोंं से जैतून के फल अन्तराष्ट्रीय भावो पर क्रय करने की नीति भी राज्य सरकार द्वारा जारी की गयी है, इसके बाद अब किसानों द्वारा उत्पादित जैतून फलाें का क्रय अन्तराष्ट्रीय भाव के अनुसार किया जायेगा। 

      किसानोंं को जैतून के फल के साथ मिल रहे हैं पत्तियों के भी दाम 

      सरकार ने जैतून उत्पादक किसानोंं की आय को दोगुनी करने के लिए इसकी पत्तियों के विपणन और प्रसंस्करण के लिए शोध शुरू किया। कई महीनों तक चले इस शोध में सामने आया कि जैतून की पत्तियों से चाय बनाई जा सकती है। विभाग ने इस पर गंभीरता से विचार किया और ‘‘ग्लोबल राजस्थान एग्रीटेक मीट 2016’’ में इस क्षेत्र में काम करने के लिए इच्छुक निजी कंपनियों को आमंत्रित किया गया। जैतूून की चाय बनाने के लिए ओलिटिया फूड्स कंपनी ने सरकार के साथ एमओयू किया। कंपनी ने जयपुर जिले के बस्सी में जैतून पत्तियों की चाय का संयत्र स्थापित कर दिया है। इस संयंत्र के स्थापित होते ही राजस्थान विश्व की पहली प्रसंस्कृत चाय का उत्पादन करने वाला राज्य बन गया। राज्य सरकार का यह प्रयोग सफल रहा और आज यूरोप के कई देश यहां से जैतून की चाय लेने के लिए अनुबंध कर रहे हैं।

      स्वास्थ्य के लिए वरदान है जैतून की चाय

      कृषि मंत्री श्री प्रभुलाल सैनी ने बताया कि जैतून की चाय स्वास्थ्य के लिए वरदान है और इसके सेवन से कई तरह के कैंसर के होने की संभावना नगण्य हो जाती है। यह एंटी ऑक्सिडेंट और एंटीडायबिटीक होने के साथ ही हमारी रोगप्रतिरोधक क्षमता को भी मजबूत करती है।
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      Portraiture of Rasikpriya books in Mewar - मेवाड़ में रसिकप्रिया ग्रंथों का चित्रांकन-

      January 07, 2017

      मेवाड़ में रसिकप्रिया ग्रंथों का चित्रांकन

      मेवाड़ में महाराणा जगत सिंह प्रथम, महाराणा अमर सिंह द्वितीय एवं महाराणा जय सिंह के काल में रसिकप्रिया ग्रन्थ का चित्रांकन किया गया। रसिक प्रिया नामक पद्यात्मक ग्रन्थ की रचना ब्रज भाषा के कवि केशव दास ने ओरछा नरेश के भाई महाराजा इन्द्रजीत सिंह के राज्याश्रय में 1591 ई. में की थी। इस महान रचना का विषय श्रृंगार के दोनों पक्ष संयोग और वियोग है। राधा कृष्ण की प्रेमलीला के लौकिक एवं आध्यात्मिक रहस्यों का उद्घाटन जयदेव के गीत गोविन्द के पश्चात् रसिक प्रिया में ही हुआ है। 16 वीं सदी में रचित इस ग्रन्थ की ख्याति शीघ्र ही दूर-दूर तक फैल गई और 17 वीं शताब्दी के मध्य तक यह राजस्थान में विभिन्न चित्र शैलियों के चित्रांकन की विषय वस्तु बन गया। मेवाड़ के अलावा मारवाड़, बूंदी, एवं बीकानेर शैलियों में भी रसिक प्रिया पर आधारित चित्र निर्मित हुए हैं।

      मेवाड़ में सर्वप्रथम महाराणा जगत सिंह प्रथम के काल में रसिक प्रिया का चित्रांकन हुआ। उदयपुर के राजकीय संग्रहालय में कृष्ण चरित्र के 327 लघु चित्र है, जिनमें सूरसागर का संग्रह भी है। इसी संग्रह में रसिक प्रिया के 129 चित्र है। इनमें से 83 चित्र महाराणा जगत सिंह प्रथम (1628 - 1652) के समय में तथा 46 लघु चित्र महाराणा अमर सिंह द्वितीय (1698 - 1710) के काल में चित्रित हैं, जबकि तीसरा ग्रन्थ महाराणा जयसिंह (1680 - 1698) कालीन है जिसमें 88 लघुचित्र हैं। इनमें से प्रथम काल के चित्र प्रसिद्ध चित्रकार साहबदीन की कलम से चित्रित प्रतीत होते हैं। साहबदीन महाराणा जगत सिंह प्रथम के काल का प्रमुख चित्रकार था। साहबदीन वही चित्रकार है जिसे भागवतपुराण, आर्षरामायण, महाभारत, सूरसागर, रागमाला आदि हजारों चित्रों को तैयार करने का श्रेय है। इसी की तूलिका ने मेवाड़ी कलम को उसकी निजी विशेषताओं से विभूषित किया। कार्ल खंडालवाला के अनुसार साहबदीन ने मेवाड़ चित्रशैली को एक नई दिशा प्रदान की तथा उसके चित्र बनावट और रंगबोध में मौलिकता लिए हुए थे। 

      रसिकप्रिया ग्रन्थ में 16 अध्यायों का संकलन हैं जिन्हें 'प्रभाव' कहा जाता है। पहले प्रभाव में विघ्नविनाशक गणेश की वंदना की गई है। उसके बाद ओरछा की धरा और ग्रन्थ के रचयिता के उदार ह्रदय आश्रयदाता का अभिनन्दन किया गया है, जिसने इसकी रचना करने आदेश दिया था। द्वितीय और तृतीय प्रभाव नायक नायिकाओं को समर्पित है तथा चौथे प्रभाव में प्रेमी-प्रेमिका के समागम के विविध रूपों का उल्लेख किया गया है, जैसे- सम्मुख वार्तालाप, स्वप्न एवं प्रियतम के चित्र से वार्ता आदि। पाँचवां प्रभाव मुग्धा नायिका से नायक के मिलन की योजना का उल्लेख करता है। छठें प्रभाव में विभिन्न स्थाई भावों का वर्णन है और सातवें प्रभाव में 8 प्रकार की नायिकाओं के लक्षण एवं दृष्टान्तों का उल्लेख हैं। आठवाँ, नवां और दसवां प्रभाव संयोग श्रृंगार रस की विभिन्न स्थितियों एवं उद्दीपनों की व्याख्या करता है। ग्यारहवां प्रभाव वियोग श्रृंगार रस का, बारहवां सखी या दूती की भूमिका का, तेरहवां नायक-नायिका के संकेत स्थलों का, चौदहवां एवं पन्द्रहवां प्रभाव नायक-नायिका के मिलन की स्थितियों का विवरण देता हैं। इसका सोलहवां और अंतिम प्रभाव श्रृंगार रस के विवेचन को सारभूत रूप में पुनर्विवेचित करता है।
      साहबदीन की कला के रसिकप्रिया के 83 लघुचित्र प्रतिनिधि चित्र है। इनमें लाल, नीला और हरा रंग अधिक प्रयुक्त हुआ है। इसमें प्रकृति का चित्रण अत्यंत सुन्दर किया गया है। चित्रों में नीला आकाश, चांदनी रात, सफ़ेद गुम्बद, महल की भीतरी ताकों में गुलदस्‍तों की सज्‍जा, झरोखे और वितानदान छतरियों के साथ ही पेड़ों पर लताओं की छटा, फूलों से लदी हुई लताएँ, ताल वृक्ष, तैरती मछलियाँ, नाचते मयूर, रिमझिम बरसता पानी, उगता हुआ सूर्य, आसमान पर फैली लालिमा आदि का अत्यंत सजीव चित्रण हुआ है। चित्रित जानवरों में हिरण तथा शेर, पक्षियों में हरे व लाल तोते का विशेष आकर्षक चित्रण हुआ है। 

      Source - पुरातत्व एवं संग्रहालय विभाग, राजस्थान सरकार द्वारा प्रकाशित सामग्री


      Portraiture of Rasikpriya books in Mewar - मेवाड़ में रसिकप्रिया ग्रंथों का चित्रांकन- Portraiture of Rasikpriya books in Mewar - मेवाड़ में रसिकप्रिया ग्रंथों का चित्रांकन- Reviewed by asdfasdf on January 07, 2017 Rating: 5

      Rajasthan Current Affairs - 2016

      December 26, 2016

      किस्मत योजना से किसान बनेगा सशक्त

      23 दिसंबर को कौशल, नियोजन एवं उद्यमिता विभाग के सचिव श्री रजत कुमार मिश्र ने जयपुर में कहा कि राज्य सरकार की "किस्मत योजना" (नॉलेज इन्टिग्रेटेड स्किल माड्युल्स फॉर एग्रीकल्चर, हार्टिकल्चर एंड एनीमल हस्बेन्डरी ट्रेनिंग) के अंतर्गत राज्य के किसानों को कृषि, पशुपालन तथा बागवानी से जुड़े क्षेत्रों में कौशल प्रशिक्षित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस योजना के अंतर्गत किसान को नवीनतम तकनीक से जुड़े क्षेत्रो में प्रशिक्षित किया जाएगा जिससे किसान सशक्त बन सकें। शेयरधारकों ने भी राज्य में किस्मत योजना को संचालन करने में रूचि दिखाई।

      केन्द्रीय वन मंत्री ने किया तीसरे उदयपुर बर्ड फेस्टीवल का शुभारम्भ  

       

      24 दिसम्बर शनिवार को केन्द्रीय वन मंत्री श्री अनिल माधव दवे ने तीन दिवसीय तीसरे उदयपुर बर्ड फेस्टीवल- 2016 का विधिवत शुभारम्भ किया। शुभारम्भ के अवसर पर उपस्थित पक्षीप्रेमियों को संबोधित करते हुए केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि पक्षियों से हमें कई प्रकार की सीख मिलती है। उन्होंने जटायु, बाज एवं फ्लेमिंगो के उदाहरण देते हुए कहा कि हमें बर्ड वाचिंग तक ही सीमित न रहते हुए पक्षियों के गुण अपनाने चाहिए। जटायु से प्रेरणा मिलती है कि जान की बाजी लगाकर भी आतंकवादी का सामना करना चाहिए। बाज से हमें अपने लक्ष्य की ओर तेजी से बढ़ने की प्रेरणा मिलती है। फ्लेमिंगों हमें मिलजुल कर प्रेम से रहना सिखाते हैं। उन्हाेंने वन्य जीवों के संरक्षण की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि प्राचीन काल से ही वन में रहने वाली जनजातियों के लोग वन एवं वन्य जीवों के साथ तालमेल से रहते आए हैं लेकिन विकास की अंधी दौड़ ने इस तालमेल को बिगाड़ कर रख दिया है।

      ओजस सॉफ्टवेयर मे श्रेष्ठ कार्य करने वाले पुरस्कृत


      चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री श्री कालीचरण सराफ ने शनिवार 24 दिसम्बर को तीन दिवसीय राज्यस्तरीय सुरक्षित मातृत्व स्वास्थ्य कार्यशाला में ऑनलाईन जेएसवाई भुगतान, शुभलक्ष्मी योजना की द्वितीय किश्त का ऑनलाईन भुगतान, प्रसवपूर्व जांचों के दौरान बैंक खाता विवरण की ऑनलाईन प्रविष्टि इत्यादि में श्रेष्ठ तीन जिलों एवं हनुमानगढ़ के एएनएम प्रशिक्षण केन्द्र को उत्कृष्ट केन्द्र का पुरस्कार दिया।
      • हनुमानगढ़ केन्द्र को यह पुरस्कार इंडियन नर्सिंग कॉउन्सिल के निर्धारित मापदंड़ों के आधार पर हाल ही में हुये आंतरिक मूल्यांकन में 82 प्रतिशत उपलब्धि पर प्रदान किया गया है। 
      • ऑनलाईन जेएसवाई भुगतान में टोंक जिला अव्वल रहा। माह अगस्त 2015 से नवम्बर 2016 तक की अवधि में पीसीटीएस में से ओजस सॉफ्टवेयर के माध्यम से जननी सुरक्षा योजना के ऑनलाईन भुगतान में 95.96 प्रतिशत उपलब्धि प्राप्त कर टोंक जिले को प्रथम पुरस्कार स्वरूप ट्रॉफी एवं प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया। सवाईमाधोपुर जिले ने 95.02 प्रतिशत एवं दौसा जिले ने 94.48 प्रतिशत उपलब्धि दर्ज कर क्रमशः द्वितीय एवं तृतीय पुरस्कार प्राप्त किया। 
      • शुभलक्ष्मी की द्वितीय किश्त के ऑनलाईन भुगतान में श्रीगंगानगर रहा प्रथम। चिकित्सा मंत्री ने शुभलक्ष्मी योजना की द्वितीय किश्त का 67.06 प्रतिशत ऑनलाईन भुगतान करने पर श्रीगंगानगर को प्रथम पुरस्कार प्रदान किया। उन्होंने बारां की 60.83 प्रतिशत एवं झुंझुनूं की 55.81 प्रतिशत उपलब्धि पर शुभलक्ष्मी के द्वितीय व तृतीय पुरस्कार दिये। 
      • ओजस के द्वारा किये गये भुगतान में पीसीटीएस सॉफ्टवेयर पर लाभार्थी का बैंकखाता विवरण इंद्राज करने की श्रेणी में पाली 78.43 प्रतिशत, कोटा 72.63 प्रतिशत एवं अजमेर 72.21 प्रतिशत की उपलब्धि पर इनको क्रमशः प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय पुरस्कार मिला। 

      9 बोर्डों एवं अकादमी के अध्यक्षों को राज्यमंत्री तथा दो बोर्डों के उपाध्यक्षों को

      मिला  उपमंत्री का दर्जा

      • 23 दिसम्बर को राज्य सरकार ने आदेश जारी कर 9 बोर्डों एवं अकादमी के अध्यक्षों को राज्यमंत्री तथा दो बोर्डों के उपाध्यक्षों को उपमंत्री का दर्जा प्रदान किया है।  
      • आदेश के अनुसार राजस्थान राज्य वरिष्ठ नागरिक बोर्ड के अध्यक्ष श्री प्रेम नारायण गालव को राज्यमंत्री स्तर का दर्जा प्रदान किया गया है। श्री गालव को प्रदत्त सुविधाओं पर होने वाला समस्त व्यय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग द्वारा वहन किया जायेगा।
      •  राजस्थान युवा बोर्ड के अध्यक्ष श्री भूपेन्द्र सैनी (पिन्टू) को राज्य मंत्री स्तर का दर्जा प्रदान किया हेै। श्री सैनी को प्रदत्त सुविधाओं पर होने वाला समस्त व्यय युवा मामले एवं खेल विभाग द्वारा वहन किया जायेगा। 
      • पशुधन विकास बोर्ड के अध्यक्ष श्री जगमोहन बघेल को राज्य मंत्री स्तर का दर्जा दिया गया हेै। श्री बघेल को प्रदत्त सुविधाओं पर होने वाला समस्त व्यय पशुपालन विभाग द्वारा वहन किया जायेगा। 
      •  भूदान बोर्ड  के अध्यक्ष श्री रामनारायण नागवा को राज्य मंत्री स्तर का दर्जा प्रदान किया हेै। श्री नागवा को प्रदत्त सुविधाओं पर होने वाला समस्त व्यय राजस्व विभाग द्वारा वहन किया जायेगा।  
      • शिल्प एवं माटी कला बोर्ड  के अध्यक्ष श्री हरीश कुमावत को राज्य मंत्री स्तर का दर्जा प्रदान किया हेै। श्री कुमावत को प्रदत्त सुविधाओं पर होने वाला समस्त व्यय उद्योग विभाग द्वारा वहन किया जायेगा।  
      • केशकला बोर्ड  के अध्यक्ष श्री मोहन मोरवाल को राज्य मंत्री स्तर का दर्जा दिया गया हेै। श्री मोरवाल को प्रदत्त सुविधाओं पर होने वाला समस्त व्यय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग द्वारा वहन किया जायेगा।  
      • घुमन्तु, अद्र्धघुमन्तु, विमन्तु जनजाति बोर्डके अध्यक्ष श्री जगमाल सिंह को राज्य मंत्री स्तर का दर्जा प्रदान किया हेै। श्री सिंह को प्रदत्त सुविधाओं पर होने वाला समस्त व्यय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग द्वारा वहन किया जायेगा। 
      •  उर्दू अकादमी के अध्यक्ष श्री अशरफ अली (तेली) को राज्य मंत्री स्तर का दर्जा दिया हेै। श्री अशरफ को प्रदत्त सुविधाओं पर होने वाला समस्त व्यय कला एवं संस्कृति विभाग द्वारा वहन किया जायेगा।  
      • राजस्थान संस्कृत अकादमी की अध्यक्ष श्रीमती जया दवे को राज्य मंत्री स्तर का दर्जा दिया गया हेै। श्रीमती दवे को प्रदत्त सुविधाओं पर होने वाला समस्त व्यय कला एवं संस्कृति विभाग द्वारा वहन किया जायेगा।  
      • राजस्थान राज्य पशुपालक कल्याण बोर्ड  के उपाध्यक्ष श्री भूपेन्द्र देवासी को उप मंत्री स्तर का दर्जा प्रदान किया हेै। श्री देवासी को प्रदत्त सुविधाओं पर होने वाला समस्त व्यय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग द्वारा वहन किया जायेगा। 
      •  राजस्थान युवा बोर्ड  के उपाध्यक्ष श्री सन्दीप यादव को उप मंत्री स्तर का दर्जा प्रदान किया हेै। श्री यादव को प्रदत्त सुविधाओं पर होने वाला समस्त व्यय युवा मामले एवं खेल विभाग द्वारा वहन किया जायेगा।

      जोधपुर जिले के समराऊ रेलवे स्टेशन का नाम अब हरलाया रेलवे स्टेशन 

       

      जयपुर, 26 दिसम्बर। राज्य सरकार ने अधिसूचना जारी कर जोधपुर जिले की ओसियां तहसील के रेलवे स्टेशन समराऊ का नाम परिवर्तन कर हरलाया रेलवे स्टेशन किया है। अधिसूचना के अनुसार भविष्य में इसे हरलाया रेलवे स्टेशन के नाम से जाना पहचाना व सम्बोधित किया जायेगा।

      Current Affairs - समसामयिक घटनाचक्र 

      उत्तर मैट्रिक छात्रवृत्ति के आवेदन पत्र नए पोर्टल पर 28 से शुरू   

       


      जयपुर 26 दिसंबर।  राजस्थान मूल निवासियों के लिए अनुसूचित जाति एवं जनजाति, विशेष पिछड़ा वर्ग, आर्थिक पिछड़ा वर्ग, विमुक्त घुमंतू , अर्द्ध घुमंतू, मुख्यमंत्री सर्जन शिक्षा उत्तर मैट्रिक छात्रवृत्ति 2016 17 के आवेदन पत्र 28 दिसंबर 2016 से छात्रवृत्ति के नए पोर्टल https://sso.rajasthan.gov.in/ के माध्यम से भरे जाएंगे। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के निदेशक श्री रवि जैन ने बताया कि उत्तर मैट्रिक छात्रवृत्ति  के लिए  राजकीय  निजी मान्यता प्राप्त शिक्षण संस्थाओं व राज्य के बाहर राजकीय तथा राष्ट्रीय स्तर  की शिक्षण संस्थाओं के पाठ्यक्रमों राष्ट्रीय स्तर की शिक्षण संस्थाओं  के पाठ्यक्रम में प्रवेशित अध्ययनरत  विद्यार्थी विभागीय वेबसाइट https://sso.rajasthan.gov.in/ आवेदन कर सकेंगे। उत्तर मैट्रिक छात्रवृत्ति हेतु विश्वविद्यालय बोर्ड काउंसलिंग एवं शिक्षण संस्थान को पेपर लेस ऑनलाइन पंजीकरण प्रोफाइल  अपग्रेडेशन उनके अधीन  समस्त में संस्थाओं का पंजीयन पाठ्यक्रम सत्यापन व अनुमोदन करने के लिए ऑनलाइन पोर्टल शुरू किया है। उत्तर मैट्रिक छात्रवृत्ति हेतु विद्यार्थियों के द्वारा पेपर लेस ऑनलाइन आवेदन पत्र पंजीकरण कर ऑनलाइन आवेदन पत्र भरने के लिए पोर्टल प्रारंभ प्रारंभ कर करने  एवं उत्तर मैट्रिक छात्रवृत्ति के लिए विद्यार्थियों के लिए पेपर लेस ऑनलाइन आवेदन पत्र भरने की अंतिम तिथि 31 जनवरी 2017 है। नवीन छात्रवृत्ति पोर्टल 2016-17 पर उत्तर मैट्रिक छात्रवृत्ति योजनाओं में पेपरलेस ऑनलाइन आवेदन करने के लिए शीर्ष संस्थान शिक्षा संस्थान एवं विद्यार्थीयों के लिए विशेष दिशा निर्देश विभागीय वेबसाइट http://www.sje.rajasthan.gov.in/Default.aspx?PageID=81  पर उपलब्ध है।

      राज्य की महिला पत्रकार डॉ. मीना शर्मा को नारी शक्ति पुरस्कार 

       

      अन्तर्राष्ट्रीय महिला दिवस 8 मार्च पर राजस्थान की महिला पत्रकार डॉ. मीना शर्मा को नई दिल्ली के राष्ट्रपति भवन में मंगलवार को आयोजित सम्मान समारोह में राष्ट्रपति श्री प्रणब मुखर्जी ने नारी शक्ति पुरस्कार-2015  से सम्मानित किया। इस मौके पर केन्द्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती मेनका गांधी और अन्य कई गणमान्य लोग मौजूद थे। डॉ. मीना का चयन नारी शक्ति पुरस्कार-2015 की व्यक्तिगत श्रेणी में किया गया है। यह सम्मान प्राप्त करने वाली वे राज्य की पहली महिला पत्रकार है।

      श्री धन्नाभगत के पेनोरमा का शिलान्यास

       

      मुख्यमंत्री श्रीमती वसुन्धरा राजे ने 13 मार्च को टोंक के धुआंकलां गांव में संत शिरोमणि श्री धन्नाभगत के पेनोरमा का शिलान्यास किया। मुख्यमंत्री संत शिरोमणि श्री धन्नाभगत की 600वीं जयन्ती के अवसर पर आयोजित समारोह में जनसमुदाय को सम्बोधित किया। उन्होंने जनसमुदाय का आह्वान किया कि वे यहां उनके द्वारा खोदे गए कुएं का जल एवं इस तपोस्थली की मिट्टी अपने साथ लेकर जाएं। उन्होंने संत धन्नाभगत की मूर्ति के दर्शन कर गुरूद्वारे में मत्था टेका तथा प्रदेश की खुशहाली की कामना की।

      राजस्थान स्किल डवलपमेन्ट में एक बार फिर प्रथम

       

      राजस्थान एक बार फिर स्किल डवलपमेन्ट में देश का सिरमौर बना। 15 मार्च को नई दिल्ली में एसोचेम एवं केन्द्रीय कौशल विकास एवं उद्यम मंत्रालय की ओर से आयोजित एक समारोह में राजस्थान को वर्ष 2015-16 में बेस्ट स्टेट इन स्किल डवलपमेन्ट कैटेगरी की गोल्ड ट्रॉफी दी गई। उत्तर प्रदेश एवं तेलंगाना स्किल डवलपमेन्ट में दूसरे स्थान पर रहे। जिन्हें सिल्वर ट्रॉफी दी गई।  उल्लेखनीय है कि राजस्थान को वर्ष 2014-15 में भी देश में कौशल विकास के क्षेत्र में सर्वश्रेष्ठ राज्य के अवॉर्ड से सम्मानित किया गया था।

      राजस्थान का ‘‘रेडियो मधुबन’’ राष्ट्रीय सामुदायिक रेडियो अवार्ड से सम्मानित

       

       नई दिल्ली के विज्ञान भवन में 18 मार्च को केन्द्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय द्वारा आयोजित दो दिवसीय ’’छठे राष्ट्रीय सामुदायिक रेडियो सम्मेलन‘‘ में राजस्थान के आबू रोड़ स्थित प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय द्वारा संचालित सामुदायिक रेडियो ‘‘रेडियो मधुबन’’ (90.4 एफएम) को ’’राष्ट्रीय सामुदायिक रेडियो अवार्ड‘‘ द्वितीय से सम्मानित किया गया। अवार्ड में ट्रॉफी एवं चैक प्रदान किया गया। राजस्थान के आबू रोड़ स्थित शांतिवन में प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय के अन्तर्राष्ट्रीय मुख्यालय द्वारा वर्ष 2011 से संचालित ‘‘रेडियो मधुबन’’(90.4 एफएम ) द्वारा माऊंट आबू के आस-पास के लोगों विशेषकर आदिवासी समाज में लगातार जन जागरूकता के कार्यक्रम प्रसारित किये जा रहे हैं। रेडियो मधुबन द्वारा ’’हमारी सरकार-हमारे अधिकार‘‘ कार्यक्रम द्वारा क्षेत्र के आदिवासी समुदायों में उनके लिए बनाए गये ’पेशा कानून-1996‘ (पंचायत (एक्सटेंशन शिड्यूल्ड एरियाज) एक्ट) से सम्बंधित आदिवासियों के अधिकारों हेतु जन जागृति का एक महत्वपूर्ण अभियान चलाया जा रहा है, जिसके लिए भारत सरकार द्वारा यह सम्मान प्रदान किया गया है। संयुक्त राष्ट्र संघ की आर्थिक एवं सामाजिक परिषद् में सलाहकार सदस्य के तौर पर नामित यह संस्था विश्व के करीब 110 देशों में पर्यावरण, संरक्षण, शिक्षा, स्वास्थ्य, नवीकरणीय ऊर्जा एवं मानव मात्र के आध्यात्मिक उत्थान हेतु अनवरत कार्य कर रही है।

      राजस्थान को गेहूं उत्पादन में कृषि कर्मण अवार्ड

       

      प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने 19 मार्च को मुख्यमंत्री श्रीमती वसुन्धरा राजे को सर्वश्रेष्ठ राज्य का कृषि कर्मण पुरस्कार प्रदान किया। यह पुरस्कार वर्ष 2014-2015 के दौरान राजस्थान द्वारा गेहूं उत्पादन में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन हेतु प्रदान किया गया है। पुरस्कार स्वरूप ट्रॉफी, प्रशस्ति पत्र एवं दो करोड़ रुपये प्रदान किये गये। नई दिल्ली के भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान के पूसा कैम्पस में आयोजित कृषि उन्नति मेला के उद्घाटन समारोह में यह पुरस्कार प्रदान किया। राजस्थान ने वर्ष 2014-15 के दौरान गेहूं उत्पादन में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए 2961 किलो/प्रति हेक्टेयर उत्पादन के हिसाब  से 33.18 लाख हेक्टेयर भूमि में 98.24 लाख टन गेहूं का उत्पादन किया, जो देश में सर्वश्रेष्ठ उत्पादन का कीर्तिमान है।
      राज्य के दो किसानों जालोर के श्री भाखराराम एवं सवाई माधोपुर की श्रीमती रामप्यारी को सर्वश्रेष्ठ प्रगतिशील किसान का कृषि मंत्री कृषि कर्मण पुरस्कार भी प्रदान किया। सर्वश्रेष्ठ किसानों को पुरस्कार स्वरूप प्रशस्ति पत्र के साथ 2-2 लाख की राशि प्रदान की गई। 2014-15 की रबी के मौसम में जालोर जिले के चीतलवाना तहसील के पदारदी गांव के श्री भाखराराम ने 88.72 क्विंटल प्रति हैक्टेयर एवं सवाई माधोपुर के बामनवास तहसील के गोठ गांव की श्रीमती रामप्यारी ने 59.20 क्विंटल प्रति हैक्टेयर के हिसाब से उत्पादन किया, जो राज्य के अन्य किसानों के लिए प्रेरणा स्रोत है। 

      विवाह पंजीयन की ऑनलाईन सेवा “पहचान” पोर्टल 

       

      आर्थिक एवं सांख्यिकी निदेशालय और आयोजना विभाग के वेब पोर्टल “पहचान” के माध्यम से ऑनलाईन विवाह पंजीयन का शुभारम्भ मुख्यमंत्री द्वारा 21 मार्च को राजस्थान आई.टी. दिवस जयपुर में किया गया। सूचना और प्रौद्योगिकी की नवीनतम तकनीक का समावेश कर राज्य में सेवा प्रदाय प्रणाली को अधिक पारदर्शी एवं आमजन के लिए सुगम बनाने के प्रयासों के अन्तर्गत आयोजना विभाग, आर्थिक एवं सांख्यिकी निदेशालय द्वारा अभिनव पहल करते हुए राज्य में एक जनवरी, 2014 से जन्म एवं मृत्यु की घटनाओं का ऑनलाईन रजिस्ट्रेशन विभागीय वेबपोर्टल ’’पहचान’’ http://pehchan.raj.nic.in के माध्यम से किया जा रहा है। राजस्थान जन्म एवं मृत्यु रजिस्ट्रीकरण नियम के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में ग्राम पंचायत के ग्राम सेवक एवं पदेन सचिव को एवं शहरी क्षेत्रों में नगरीय निकायों के अधिशाषी अधिकारियों को जन्म-मृत्यु रजिस्ट्रार घोषित किया हुआ है। इस प्रकार राज्य में जन्म-मृत्यु पंजीयन एवं विवाह पंजीयन के लिए ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में रजिस्ट्रार की एक समान व्यवस्था है। इसी श्रृंखला को आगे बढ़ाते हुए विवाह पंजीयन का कार्य वेब पोर्टल ’पहचान’ के माध्यम से ऑनलाईन प्रारम्भ किया गया है। वर्तमान में विवाह पंजीकरण का अधिकांश कार्य रजिस्ट्रार कार्यालयों में हस्तलिखित किया जा रहा है। एनआईसी के द्वारा विकसित इस वेबपेार्टल पर विवाह का पंजीयन होेने पर प्रगति रिपोर्ट सृजित होकर ऑनलाईन उपलब्ध हो गई है। आमजन की सुविधा हेतु जन्म-मृत्यु के साथ-साथ विवाह पंजीकरण के आवेदन करने एवं प्रमाण पत्र उपलब्ध कराने की सुविधा राज्य में संचालित 35 हजार ई-मित्र केन्द्रों पर उपलब्ध कराई गयी है। इस व्यवस्था के माध्यम से विवाह पंजीयन का कार्य भी राज्य में ई-मित्र केन्द्रों के माध्यम से कराया जा सकता है। इस व्यवस्था से राज्य में एक समान पंजीकरण एवं प्रमाण पत्रों की व्यवस्था लागू हो गई है, जिससे आमजन को ई-मित्र के द्वारा सरल, सुगम एवं शीघ्र पंजीयन की सुविधा ऑनलाईन प्राप्त हो गई एवं डिजिटल हस्ताक्षरित कम्प्यूट्रीकृत प्रमाण पत्र प्राप्त हो सकते है। इस वेबपोर्टल के माध्यम से विवाह पंजीयन की सूचना SMS से आवेदक को दी जाती है  एवं पंजीयन उपरान्त प्रमाण पत्र आवेदक की ई-मेल पर भी प्राप्त होता है।

      स्टे्रंथ पावर लिफ्टिंग विश्व चैम्पियनशिप 2016 में पवन कुमावत ने जीते दो गोल्ड मेडल

       

      थाईलैण्ड में आयोजित चतुर्थ स्टे्रंथ पावर लिफ्टिंग विश्व चैम्पियनशिप 2016 में देश का प्रतिनिधित्व करते हुए श्री पवन कुमावत ने श्रीलंका एवं थाईलैण्ड के खिलाड़ियों को पराजित करते हुए दो गोल्ड मेडल हासिल किए। इससे पहले भी दुबई में वर्ष 2015 में आयोजित विश्व चैम्पियनशिप में भी दो गोल्ड मेडल जीते थे। 

      राजस्थान नगरीय भूमि (हक प्रमाणन ) विधेयक, 2016 पारित  

       

      5 अप्रैल, 2016 को राजस्थान विधान सभा ने राजस्थान नगरीय भूमि (हक प्रमाणन ) विधेयक, 2016 पारित किया। राजस्थान नगरीय भूमि (हक प्रमाणन) विधेयक पारित करने वाला देश का पहला राज्य हैं।

      विधेयक की विशेषताएं -

      • नगरपालिकाओं या राज्य विकास प्राधिकरणों द्वारा शासित शहरी क्षेत्रों में रहने वाले राज्य के निवासी राज्य सरकार को मामूली शुल्क का भुगतान कर अपने जमीन पर स्वामित्व का प्रमाण-पत्र प्राप्त कर सकते है।
      • राज्य सरकार इस कार्य के लिए एक प्राधिकरण का गठन करेगी जिसका मुखिया भारतीय प्रशासनिक सेवा का अधिकारी होगा।
      • यह जमीन मालिकों से सभी दस्तावेज प्राप्त करेगा तथा राज्य के रिकार्ड से इसका सत्यापन करेगा।
      • अधिकारी 2 वर्ष की अवधि के लिए अनन्तिम अस्थायी (Provusional) प्रमाणपत्र जारी करेगा, जिसकी गारंटी राज्य सरकार नहीं लेगी। अगर इस पर किसी प्रकार की कोई आपत्ति या विवाद पैदा नहीं होता है तब अधिकारी राज्य की गारंटी के साथ एक प्रमाण-पत्र और मानचित्र मालिक को जारी करेगा। अभी इस प्रमाणपत्र को भूमि मालिकों के लिए स्वैच्छिक रखा गया है।
      • राज्य सरकार ने इस योजना में अधिक से अधिक से लोगों को शामिल करने के लिए आवेदन फीस भूमि मूल्य का 0.5 प्रतिशत रखा है। भूमि मूल्य का निर्धारण जिला स्तरीय समिति करेगी।
      • यह विधेयक भूमि मालिकों को पूर्व सूचना देकर भूमि सर्वेक्षण का आधार राज्य सरकार को प्रदान करती है।
      • विशेषज्ञों का मानना है कि विधेयक (जो कि भूमि मालिकों को स्पष्ट हक प्रमाणन देगा) से अदालतों में मुकदमों की संख्या कम हो जाएगी और शहरी इलाकों में गैर-कृषि भूमि की खरीद और बिक्री में होने वाली धोखाधड़ी में कमी आएगी।

      राजस्थान विशेष विनिधान रीजन विधेयक, 2016 पारित 

       

      • राज्य विधानसभा ने अप्रेल में राजस्थान विशेष विनिधान रीजन विधेयक, 2016 को पारित कर दिया। विधेयक का मूल उद्देश्य एक ऎसा विधिक ढांचा तैयार करना है जिससे राज्य में बडे़ आकार की समन्वित औद्योगिक टाउनशिप विकसित की जा सके और जिसका संचालन एवं प्रबंधन एक सिंगल ऑथोरिटी के नियंत्रण में हो। 
      • इससे क्षेत्र का व्यवस्थित एवं नियोजित विकास सुनिश्चित हो सकेगा और विश्व स्तरीय आधारभूत सुविधाएं भी उपलब्ध हो सकेंगी।
      • यह एक ग्रीन फील्ड प्रोजेक्ट होगा और इसके अन्तर्गत क्षेत्रों का विकास नोएडा में हुए विकास की तर्ज पर किया जायेगा। 
      • इस एकीकृत टाउनशिप योजना में सभी विश्व स्तरीय सुविधाएं उपलब्ध करायी जायेंगी जिनमें स्मार्ट सिटी, आईटी, अन्तर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा, पर्यावरण अनुकूल समस्त सुविधाएं सम्मिलित हैं। 
      • साथ ही इन क्षेत्रों को जोड़ते हुए 2018 तक हाईस्पीड ट्रेन का संचालन किया जाना भी प्रस्तावित है। इस विधेयक के लिए गुजरात मॉडल के अच्छे बिन्दुओं को भी राजस्थान के परिवेश के अनुसार समाहित किया गया है।  
      • इस विधेयक के माध्यम से विशेष निवेश क्षेत्रों की स्थापना, योजना, विकास, प्रबन्ध किया जाना प्रस्तावित है ताकि उनका वैश्विक आर्थिक केन्द्रों के रूप में विकास सुनिश्चित किया जा सके।

       राजस्थान सहकारी सोसाइटी (संशोधन) विधेयक, 2016 को पारित

       

      राज्य विधानसभा ने 4 अप्रेल को राजस्थान सहकारी सोसाइटी (संशोधन) विधेयक, 2016 को ध्वनिमत से पारित किया। 
      • बदलते आर्थिक परिदृश्य में सहकारी संस्थाओं को और अधिक प्रभावी बनाने एवं नया नेतृत्व विकसित करने तथा बेहतर मानव संसाधन उपलब्ध कराने, अंकेक्षण व्यवस्था को कारगर बनाने, स्वायत्तता के साथ अनुशासन सुनिश्चित करने और सहकारी कानून को और अधिक प्रभावशाली बनाने के लिए संशोधन विधेयक लाया गया है। 
      • नए प्रावधानों के अनुसार सहकारी संस्थाओं की ऑडिट व्यवस्था को सुसंगत बनाया गया है। अब संचालक मंडल की सहमति से ही अंकेक्षक की नियुक्ति हो सकेगी वहीं संस्थाओं द्वारा समय पर ऑडिट नहीं कराया जाता है तो रजिस्ट्रार ऑडिटर लगाकर अंकेक्षण करा सकेंगे। 
      • इसी तरह से अनियमितता, शिकायत या अन्य परिस्थितियां उत्पन्न होने की स्थिति में रजिस्ट्रार द्वारा विशेष ऑडिट करवाया जा सकेगा। 
      • इसी तरह से सहकारी संस्थाओं में कार्मिकों की नियुक्ति की प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए भर्ती बोर्ड बनाया जाएगा। 
      • इसी तरह से रजिस्ट्रार को समिति के कार्यकलापों के निरीक्षण की शक्तियां प्रदान की गई है। इसी तरह से अवसायनाधीन समितियों की अचल संपत्ति को राज्य सरकार को समर्पित करने का प्रावधान किया गया है वहीं अवसायन के दौरान आने वाली कठिनाइयों का निराकरण करते हुए अवसायक के अधिकारों को अधिक स्पष्ट किया गया है। 
      • नए प्रावधानों में सहकारिता आंदोलन में नए व युवा नेतृत्व को विकसित करने पर जोर दिया गया है। अब कोई भी सदस्य लगातार दो बार से अधिक नहीं चुना जा सकेगा वहीं एक से अधिक पद के लिए भी चुनाव नहीं लड़ सकेंगे। 
      • सांसद, विधायक, प्रधान, उपप्रधान, स्थानीय निकायों के अध्यक्ष व उपाध्यक्ष आदि सहकारी समिति में पदाधिकारी नहीं चुने जा सकेंगे। 
      • सहकारी समितियों में शिक्षित वर्ग की भागीदारी बढ़ाने के लिए संचालक मण्डल के सदस्याें के लिए शैक्षणिक योग्यता का प्रावधान किया गया है। शैक्षणिक योग्यताओं के 7-8 स्लैब बनाए जा सकते हैं। 
      • क्षेत्र विशेष में संचालित सामुदायिक केन्द्रों के सुचारु संचालन के लिए अवसायनाधी सोसायटी के सदस्यों को पृथक से सोसायटी बनाकर भवन या भूमि का सामुदायिक कार्यों के लिए उपयोग का प्रावधान किया गया है। सोसायटियों द्वारा विधि विरुद्ध व समिति के हितों के विरुद्ध लिए गए प्रस्तावों के अपखण्डन के लिए रजिस्ट्रार को अधिकृत किया गया है।

      राजस्थान के तीन विद्वान ‘‘वैदिक विद्वान सम्मान’’ समारोह में सम्मानित  

         

      नई दिल्ली के कॉन्सटीट्यूशन क्लब में 9 अप्रेल में आयोजित वैदिक विद्वान सम्मान समारोह में राजस्थान के शिवगंज की वैदिक विदुषी, वेद वेदांगों की प्रसिद्ध प्रवाचिका, लेखिका एवं प्रपाठिका आचार्य डॉं. सूर्यादेवी चर्तुवेदी को आर्य रत्न पुरस्कार, जयपुर के पंडित वासुदेव शास्त्री एवं प्रतापगढ़ के श्री हरिश्चन्द्र विद्यावाचस्पति को आर्य गौरव पुरस्कार से सम्मानित किया।     

      राजस्थान राज्य पुस्तकालय परिषद का गठन  

       

      राज्य सरकार द्वारा भाषा एवं पुस्तकालय विभाग के अंतर्गत राजस्थान राज्य पुस्तकालय परिषद का गठन किया। शिक्षा राज्य मंत्री प्रो. वासुदेव देवनानी की अध्यक्षता में गठित इस परिषद के उपाध्यक्ष शासन सचिव स्कूल शिक्षा एवं भाषा विभाग होंगे। इसके अलावा परिषद् में 18 सदस्यों का मनोनयन किया गया है। राजस्थान सार्वजनिक पुस्तकालय अधिनियम, 2006 के अंतर्गत प्रदेश में राजस्थान राज्य पुस्तकालय परिषद का गठन किया गया है। राजस्थान राज्य पुस्तकालय परिषद प्रदेश में पुस्तक संस्कृति के विकास के लिए कार्य करेंगी। इसके अंतर्गत राज्य के सार्वजनिक पुस्तकालयों को और अधिक बेहतर बनाने के साथ ही उन्हे पाठको के लिए अधिक उपयोगी करने के विभिन्न कार्य किये जायेंगे। 

      राजस्थान राज्य पुस्तकालय परिषद् - 

      अध्यक्ष- शिक्षा मंत्री 
      उपाध्यक्ष - शासन सचिव स्कूल शिक्षा एवं भाषा विभाग 
      सदस्य - निदेशक, महाविद्यालय, निदेशक, प्रारंभिक शिक्षा, निदेशक, माध्यमिक शिक्षा, निदेशक, पंचायतीराज, निदेशक, स्थानीय स्वशासन, अध्यक्ष, माध्यमिक शिक्षा बोर्ड, राजस्थान, सचिव, राजस्थान राज्य पाठयपुस्तक बोर्ड, स्वायत्त शासन, पुस्तकालयाध्यक्ष, राज्य केन्द्रीय पुस्तकालय 
      नाम निर्देशित सदस्य - भीलवाडा के विधायक श्री विट्ठल शंकर अवस्थी, खण्डार  के विधायक श्री जितेन्द्र गोठवाल, विद्वान श्री बद्रीप्रसाद पंचोली तथा कन्हैयालाल चतुर्वेदी, कुलपति राजस्थान विश्वविद्यालय श्री जे.पी. सिंघल, सेवानिवृत प्रोेफेसर श्रीमति अजीत गुप्ता, राजकीय महाविद्यालय अजमेर के प्राध्यापक श्री नारायणलाल गुप्ता तथा राजकीय सार्वजनिक जिला पुस्तकालय अलवर के पुस्तकालयाध्यक्ष श्री शिवचरण शर्मा।

      राज्य अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष को “मारूथल दा सुगन्ध बूटा“ सम्मान 

       

      राजस्थान राज्य अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष श्री जसबीर सिंह को पटियाला की मई माह में पंजाबी यूनिवर्सिटी के 56वें स्थापना दिवस पर आयोजित सर्ब भारती पंजाबी कॉन्फ्रेंस में सामाजिक क्षेत्र में उल्लेखनीय सेवाओं के लिए “मारूथल दा सुगन्ध बूटा“ सम्मान से सम्मानित किया गया। इस अवसर पर श्री जसबीर सिंह को शॉल, प्रशस्ति-पत्र एवं 31 हजार रुपये की नकद राशि प्रदान कर सम्मानित किया गया।

      श्री गजराज राव को फिल्म ‘दूरन्तो’ के लिए सर्वश्रेष्ठ बाल फिल्म स्वर्ण कमल पुरस्कार

       

      राष्ट्रपति श्री प्रणब मुखर्जी ने मई माह में नई दिल्ली में आयोजित 63वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह में राजस्थान के श्री गजराज राव को उनकी फीचर फिल्म ‘दूरन्तो’ के लिए सर्वश्रेष्ठ बाल फिल्म को स्वर्ण कमल पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। दक्षिणी राजस्थान के आदिवासी बहुल डूंगरपुर जिले के छोटे से गांव झांकरी के मूल निवासी श्री राव कुछ वर्षों मेें मायानगरी मुम्बई में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर रहे हैं। पिछले दिनों फिल्म ‘तलवार’ में उनकी अभिनय कला को काफी सराहा गया। अपने सहयोगी पार्टनर श्री सुब्रत राय और फिल्म निर्देशक श्री सोमेन्द्र पहाड़ी के साथ मिलकर उन्होंने पहली बार फिल्म निर्माण के क्षेत्र में भी कदम रखकर ओडिसा के एक प्रतिभा के धनी बालक के जीवन पर एक बाल फिल्म ‘दूरंतो’ बनाई।

      श्री दिनेश पंड्या को इंडस्टि्रयल रिलेशनशिप के लिए राष्ट्रीय स्तर पर द्वितीय पुरस्कार

       

      केन्द्रीय श्रम मंत्री श्री बंगारू दत्तात्रेय ने श्री पंड्या को मई माह में नई दिल्ली में आयोजित समारोह में बांसवाड़ा जिले के खोडन गांव निवासी और जे.के. पुरम लक्ष्मी सीमेंट सिरोही के प्रबंध निदेशक श्री दिनेश पंड्या को इंडस्टि्रयल रिलेशनशिप के लिए राष्ट्रीय स्तर पर द्वितीय पुरस्कार से सम्मानित किया।

      दूरदर्शन राजस्थान को डी.डी. किसान राष्ट्रीय पुरस्कार 

       

      दूरदर्शन किसान चैनल की पहली वर्षगांठ के अवसर पर गुरुवार को नई दिल्ली के पूसा ऑडिटोरियम में आयोजित राष्ट्रीय समारोह ’’किसान के उत्कर्ष का एक साल’’ में दूरदर्शन राजस्थान को ’’डी.डी. किसान राष्ट्रीय पुरस्कार’’ से सम्मानित किया गया। देशभर के दूरदर्शन केन्द्रों में से उत्कृष्ट कार्य निष्पादन के लिए जयपुर व पूणे के केन्द्रों को ’’डी.डी. किसान’’ राष्ट्रीय पुरस्कार प्रदान किया गया है। कृषि प्रोड्यूसर श्री वीरेन्द्र परिहार को यह पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया। दूरदर्शन राजस्थान निरन्तर प्रदेश के कृषक समुदाय में जागरूकता और सहभागिता बढ़ाते हुए नित नये कार्यक्रमों का निर्माण कर रहा है।

      जयपुर दक्षिण एशिया का प्रथम लाईट हाऊस शहर -सिसको ने की घोषणा

       

      जयपुर शहर दक्षिण एशिया का प्रथम स्मार्ट एवं कनेक्टेड कम्यूनिटी लाईट हाऊस शहर के रूप में विकसित किया जायेगा।इसकी घोषणा सिसको ने बुधवार को की। इससे जयपुर शहर अब हैम्बर्ग (जर्मनी), बारसिलोना (स्पेन) एवं एडिलेड (ऑस्टे्रलिया) जैसे विश्व के चुनिंदा लाईट हाऊस शहरों में शामिल हो गया है। जयपुर एशिया का पहला शहर है जहां शहरी क्षेत्र में सिटी इन्फ्रास्क्ट्रचर मैनेजेंट प्लेटफॉर्म स्थापित हैं।

       एसएमएस अस्पताल में ऑनलाइन अपॉइंटमेन्ट 

       

      एसएमएस अस्पताल में मेडिसिन एवं चर्मरति रोग आउटडोर में दिखाने के लिए ऑनलाइन अपॉइंटमेन्ट की वेबसाईट का शुभारम्भ चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री श्री राजेन्द्र राठौड़ ने एक जून को किया। ऑनलाइन अपॉइंटमेन्ट के लिए http://medicaleducation.rajasthan.gov.in के टॉप पेज पर ऑनलाइन अपॉइंटमेन्ट एवं केन्द्रीय प्रयोगशाला की जांच रिपोर्ट वाले लिंक पर क्लिक कर फॉर्म भरा जायेगा। इससे ऑनलाइन अपॉइंटमेन्ट नम्बर एवं तिथि का मैसेज मोबाइल पर प्राप्त हो जायेगा। 

      राजस्थान : काछबली गांव बना पहला 'शराब मुक्त गांव'

      शराब की लत से परेशान काछबली गांव की महिलाओं ने नशा मुक्ति का बेड़ा उठाया और उन्होंने अफसरों पर दबाव डालकर इस पर वोटिंग भी करवाई। प्रशासन की निगरानी में हुए महिला सरपंच गीता देवी की पहल पर को हुए अनूठे मतदान में 2,039 लोगों ने अपना मत डाला, जिनमें से 1937 लोगों का मत था कि गांव में शराब का ठेका बंद हो। यानी इस गांव के 94 फीसदी लोगों ने वोट डालकर राजस्थान के राजसमंद जिले में स्थित अपने गांव काछबली  को राज्य का पहला शराब मुक्त गांव बनाया। 

      राजस्थान पुलिस अकादमी, जयपुर उत्तरी भारत की सर्वश्रेष्ठ पुलिस प्रशिक्षण संस्थान

       

      केन्द्रीय गृृह मंत्रालय के सर्वोत्तम पुलिस प्रशिक्षण संस्थान के चयन की वर्ष 2015 की योजना के अन्तर्गत राजस्थान पुलिस अकादमी, जयपुर को उत्तरी भारत की सर्वश्रेष्ठ पुलिस प्रशिक्षण संस्थान पाया।  प्रथम चरण की इस प्रतियोगिता में जोनल लेवल पर सर्वश्रेष्ठ संस्था को गृह मंत्रालय की ओर से 10 लाख रूपये की अनुदान एवं सहायता राशि आधारभूत सुविधाओं के विकास के लिए प्रदान की जायेगी। 

      झालावाड़ के जिला कलक्टर को साहित्य अकादमी युवा पुरस्कार

       

      झालावाड़ के जिला कलक्टर डॉ. जितेन्द्र कुमार सोनी को उनकी राजस्थानी भाषा में पुस्तक रणखार को साहित्य अकादमी, नई दिल्ली ने वर्ष 2016 का साहित्य अकादमी युवा पुरस्कार प्रदान किया है। डॉ. जितेन्द्र कुमार सोनी की पुस्तक रणखार को निर्णायक मण्डल द्वारा युवा पुरस्कार 2016 के लिये चुना गया है। ज्ञातव्य है कि पुरस्कार स्वरूप 50 हजार रुपये तथा एक उत्कीर्ण ताम्रफलक प्रदान किया जाता है। इस पुरस्कार के लिये 35 वर्ष से कम आयु के युवा साहित्यकारों को ही चुना जाता है।

      डॉ. भारत सिंह मत्स्य विश्वविद्यालय में कुलपति नियुक्त

       

      20 जून को राज्यपाल एवं कुलाधिपति श्री कल्याण सिंह ने राज ऋषि भर्तृहरी मत्स्य विश्वविद्यालय, अलवर में डॉ. भारत सिंह को कुलपति नियुक्त किया है। कुलाधिपति द्वारा जारी आदेशों के अनुसार डॉ. सिंह की तीन वर्ष या 70 वर्ष की आयु, जो भी पहले हो, तक कुलपति पद पर नियुक्ति की गई है।

      अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर योग गीत के रचियता व गायन का गौरव राजस्थान को

       

      अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 21 जून पर आयोजित मुख्य कार्यक्रम में गाए जाने वाले योग गीत के बोल लिखने और गायन गाने का गौरव दो राजस्थानवासियों  को प्राप्त हुआ है। योग गीत को जयपुर के जाने-माने संस्कृत विद्वान डॉ. लीला पुरुषोत्तम शर्मा ने रचा है। जयपुर के ही जाने-माने गायक राजीव थानवी ने इसे गाया है।

      मेजर दीपिका ने दूसरी बार माउंट एवरेस्ट की चोटी पर फहराया झंडा

       

      अजमेर में एनसीसी प्रशिक्षक के पद पर कार्यरत राजस्थान के नागौर जिले के गांव डीडवाना के भवादिया की लाड़ली बिटिया मेजर दीपिका राठौड़ ने 22 मई, 2016 को दूसरी बार माउंट एवरेस्ट पर फतेह पाकर, दो बार दुनिया की सबसे ऊंची चोटी माउंट एवरेस्ट पर तिरंगा फहरा कर एक बार फिर अपने प्रदेश व नागौर का नाम रोशन किया है। इसके अलावा उसने एवरेस्ट विजेता के रूप में प्रदेश की पहली महिला बनने का गौरव हासिल किया है। अब तक राजस्थान की किसी भी महिला ने दो बार एवरेस्ट की चोटी पर तिरंगा नही फहराया है। दीपिका राठौड़ ने इससे पहले मई 2012 में यह कारनामा कर दिखाया था, जिसके लिए भारत के राष्ट्रपति द्वारा सम्मानित भी हो चुकी हैं।

      अध्यक्ष, राजस्थान अनुसूचित जाति आयोग को केबीनेट मंत्री का दर्जा 

       

      राज्य सरकार ने अप्रेल माह में एक आदेश जारी कर श्री सुन्दर लाल, अध्यक्ष, राजस्थान अनुसूचित जाति आयोग को राज्य मंत्री के स्थान पर केबीनेट मंत्री स्तर का दर्जा दिया है। श्री सुन्दर लाल को केबीनेट मंत्री स्तर के रूप में इस सचिवालय की प्रदत्त सुविधाएं देय होंगी एवं सुविधाओं पर होने वाला समस्त व्यय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग द्वारा वहन किया जाएगा।

      जोधपुर की जया दवे राजस्थान संस्कृत अकादमी की अध्यक्ष मनोनीत 

       

      राज्य सरकार ने एक आदेश जारी कर जोधपुर की जया दवे को राजस्थान संस्कृत अकादमी की अध्यक्ष मनोनीत किया है। आदेशानुसार जया दवे को राजस्थान संस्कृत अकादमी के विधान की धारा 5 (क) के तहत 3 वर्ष की अवधि के लिए मनोनीत किया है। 

      श्री सी.एस. राजन मुख्यमंत्री सलाहकार परिषद के उपाध्यक्ष नियुक्त

       

      केन्द्र एवं राज्य सरकार की मुख्य फ्लेगशिप योजनाओं भामाशाह डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर स्कीम, मुख्यमंत्री जल स्वावलम्बन योजना, भामाशाह स्वास्थ्य बीमा योजना, आरोग्य राजस्थान ग्रामीण और गौरव पथ, कौशल एवं आजीविका, स्वच्छ भारत योजना, राजश्री योजना, न्याय आपके द्वार ग्लोबल राजस्थान एग्रीटेक मीट एवं अन्नपूर्णा भण्डार योजना की समीक्षा एवं मॉनिटरिंग करने के लिए राज्य सरकार ने 1 जुलाई को एक आदेश जारी कर पूर्व मुख्य सचिव श्री सी.एस. राजन को मुख्यमंत्री सलाहकार परिषद में पूर्ण कालिक उपाध्यक्ष नियुक्त किया है।


       राजस्थान के श्री वीरेन्द्र परिहार चौधरी चरण सिंह राष्ट्रीय कृषि पत्रकारिता पुरस्कार 2015

       

      भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद्, नई दिल्ली द्वारा प्रतिवर्ष दिए जाने वाले वार्षिक पुरस्कारों के अन्तर्गत दूरदर्शन राजस्थान जयपुर के कृषि प्रोड्यूसर श्री वीरेन्द्र परिहार को 16 जुलाई को कृषि पत्रकारिता के क्षेत्र में देश के सर्वोच्च प्रतिष्ठित ’’चौधरी चरण सिंह राष्ट्रीय कृषि पत्रकारिता पुरस्कार 2015‘‘ (इलेक्ट्रोनिक मीडिया श्रेणी) के लिए नई दिल्ली के विज्ञान भवन में परिषद् द्वारा आयोजित भव्य सम्मान समारोह में कृषि पत्रकारिता का सर्वोच्च अलंकरण से सम्मानित किया गया। पाली जिले के खौड़ गांव के मूल निवासी श्री परिहार लगातार पिछले दो सालों से डी.डी. किसान के लिए भी ’’राज्यों से राजस्थान‘‘ कार्यक्रम निर्माण योगदान की अहम् जिम्मेदारी निभा रहे है। हाल ही में श्री परिहार डी.डी. राजस्थान में उत्कृष्ट कृषि कार्यक्रम निर्माण के लिए पूर्व में भी राजस्थान गौरव, हलधर रत्न, जवाहर लाल दरडा लोकमत पत्रकारिता पुरस्कार, श्रीफल पत्रकारिता पुरस्कार, कनाड़ा-राना अवार्ड, राजीव गांधी एकता आदि अन्य सम्मान से सम्मानित किये जा चुके है।  यह पहला अवसर है जब दूरदर्शन के क्षेत्रीय केन्द्र से कृषि प्रोड्यूसर को इस प्रतिष्ठित पुरस्कार के लिए चुना गया है। उल्लेखनीय है कि परिषद् द्वारा ’’चौधरी चरण सिंह राष्ट्रीय कृषि पत्रकारिता पुरस्कार‘‘ कृषि अनुसंधान, कृषि पत्रकारिता व कृषि विकास व सतत् लेखन के क्षेत्र में विशिष्ट योगदान देने वाले राष्ट्रीय पत्रकार को दिया जाता है।

      सवाई माधोपुर रेलवे स्टेशन को मिला राष्ट्रीय पर्यटन पुरस्कार

       

      राजस्थान के कोटा रेलवे डिविजन के सवाई माधोपुर रेलवे स्टेशन को 30 जुलाई को वर्ष 2014-2015 के लिए  ‘‘सर्वश्रेष्ठ पर्यटक मित्र रेलवे स्टेशन’’ का राष्ट्रीय पर्यटन अवार्ड से सम्मानित किया गया है। नई दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित राष्ट्रीय पर्यटन पुरस्कार समारोह में यह पुरस्कार प्रदान किया गया । पश्चिम मध्य रेलवे के कोटा डिविजन में स्थित सवाई माधोपुर रेलवे स्टेशन विश्व प्रसिद्ध ‘‘रणथम्भौर टाइगर रिजर्व’’ के गेटवे के रूप में विश्व विख्यात है। सवाई माधोपुर रेलवे स्टेशन पर पर्यटकों की सुविधाओं को विश्वस्तरीय बनाने एवं उसके सौदर्यकरण हेतु स्टेशन प्रशासन हमेशा सजग रहता है। विगत वर्षों में रेलवे स्टेशन पर बेहतर पेयजल सुविधाएं, प्लेटफार्म पर बढ़ने की उत्तम व्यवस्था, स्वचालित टिकट मशीनों की स्थापना, रिटायरिंग रूम का उन्नयनीकरण, बॉयोटोयलेट एवं स्टेशन परिसर में लैड-लाइटिंग की बेहतरीन व्यवस्था की गई है। हाल ही में वर्ल्ड वाइल्डलाइफ फंड, भारत के सहयोग से सवाई माधोपुर रेलवे स्टेशन परिसर के 7000 वर्ग फीट क्षेत्र में बेहतरीन चित्रांकन किया गया है। वन्य जीवों के संरक्षण को बढ़ावा देने तथा जन जागृति फैलाने के लिए स्टेशन परिसर की दीवारों पर वन्य जीवन को बड़े सुंदर ढंग से उकेरा गया है। सवाई माधोपुर रेलवे स्टेशन पर किये जा रहे विकास एवं सौदंर्य के प्रयासों के कारण ही इसे ‘प्रथम हेरीटेज स्टेशन’ का दर्जा भी मिल चुका है।
      इसके अलावा राजस्थान से निम्न पुरस्कार भी जीते गए-
      • फतेह प्रकाश पैलेस होटल, उदयपुर को ‘ग्रेड’ केटेगरी में ‘‘सर्वश्रेष्ठ हेरीटेज होटल’’ 
      • बेसिक केटेगरी में श्रेष्ठ हेरीटेज होटल का राष्ट्रीय पर्यटन पुरस्कार बीकानेर के गजनेर पैलेस को 
      • सिरोही निवासी श्री सुरपाल सिंह देवडा की ‘‘मेक्सफन होलीडेज’’ को राजस्थान सहित देशभर में ‘स्प्रीच्युअल टूरिज्म’ और ‘ट्रासनेशनल एक्सपिडेशन’ को बढ़ावा देने के लिए वर्ष 2010-2011 के लिए बेस्ट इन्बाउण्ड ऑपरेटर (द्वितीय) का राष्ट्रीय टुरिज्म अवार्ड ।
      • ‘अलवर टूरिज्म ट्रांसपोर्ट सर्विस’ को ‘बेस्ट टूरिज्म ट्रांसपोर्ट ऑपरेटर’ का राष्ट्रीय पुरस्कार। 

       राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की वेबसाइट का लॉन्च

       

      सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री श्री अरुण चतुर्वेदी ने 8 अगस्त को बाल एवं शिशु गृह, गांधी नगर, जयपुर में राजस्थान राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की वेबसाइट का बटन दबाकर लॉन्च की। इस अवसर पर राज्य बाल संरक्षण अधिकार की अध्यक्ष डॉ. मनन चतुर्वेदी भी उपस्थित थे। 

      राजस्थान का खारची ग्राम पादप जीनोम रक्षक समुदाय पुरस्कार से सम्मानित

       

      पाली जिले की मारवाड़ जंक्शन तहसील के खारची ग्राम पंचायत को पौधा किस्म और कृषक अधिकार संरक्षण प्राधिकरण, नई दिल्ली द्वारा 24 अगस्त को नई दिल्ली में आयोजित समारोह में केन्द्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री द्वारा राष्ट्रीय स्तर के पादप जीनोम रक्षक समुदाय पुरस्कार से सम्मानित किया गया। सम्मान के तौर पर दस लाख रुपये एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान किया गया जिससे खार्चिया गेहूं खारची गाँव के नाम से पंजीकृत हो गया है तथा भविष्य में इस गेहूं से होने वाले हर व्यावसायिक पक्ष में खारची गाँव की हिस्सेदारी होगी। इस गेहूं की खूबियां बताते हुए खारची सरपंच ने कहा कि इसकी रोटी व लापसी खाने में नरम होती है, ठण्डी रोटी खाने से भी कोई नुकसान नहीं होता, स्वाद उत्तम व मीठा होता है। स्वादिष्ट तथा ताकतवर होने के कारण प्रसूता माँ बहनों को भी इसके लड्डू खिलाये जाते हैं।

      राजस्थान के दो शिक्षकों को नेशनल आईसीटी’ अवार्ड

       

      राज्य के दो शिक्षकों को ‘नेशनल आईसीटी’ अवार्ड  5 सितम्बर को शिक्षक दिवस को राष्ट्रपति द्वारा सम्मानित किया जाएगा गया।  देशभर में इस अवार्ड के लिए इस बार 11 शिक्षकों का चयन किया गया,  इनमें से दो इस बार राजस्थान के हैं। सम्मानित होने वाले दो शिक्षकों में से एक राजकीय सीनियर सैकण्डरी विद्यालय रामगढ़, हनुमानगढ़ के प्राचार्य श्री मनोज आर्य है तथा दूसरे सवाई माधोपुर के वरिष्ठ अध्यापक श्री केशव दास गुप्ता हैं।

      नजूल भवन नियम 1971 के उप नियम में संशोधन

       

      राज्य सरकार ने 29 अगस्त को एक अधिसूचना जारी कर राज्य सरकार राजस्थान नजूल भवन (लोक नीलामी द्वारा व्ययन) नियम 1971 में संशोधन किया है। अधिसूचना के अनुसार इन नियमों के नियम 2 के उप नियम (1) के स्थान पर किसी भी नजूल भवन या उसके किसी भाग का विक्रय या नीलाम राज्य सरकार की पूर्व मंजूरी के बिना नहीं किया जावेगा, परन्तु जब नजूल भवन या उसके किसी भाग का सार्वजनिक निर्माण विभाग द्वारा यथा निर्धारित आरक्षित मूल्य एक करोड़ रुपये से कम हो तो कलेक्टर ऎसे भवन या उसके किसी भाग का विक्रय या नीलामी सरकार की पूर्व मंजूरी के बिना कर सकेगा प्रतिस्थापित किया गया है।

      राष्ट्रपति ने राजस्थान के तीन खिलाड़ियों को अर्जुन अवार्ड से किया सम्मानित

       

      राष्ट्रपति श्री प्रणब मुखर्जी ने राजस्थान के तीन खिलाड़ियों सुश्री अपूर्वी चंदेल (निशानेबाजी), श्री संदीप सिंह मान (पैरा एथलीट) एवं श्री रजत चौहान (तीरन्दाजी) को अर्जुन अवार्ड प्रदान कर सम्मानित किया।

      प्रदेशभर में "मां" कार्यक्रम प्रारम्भ

       

      प्रदेश में शिशु मृत्यु दर को कम करने एवं शिशु आहार स्तर को सुदृढ़ कर कुपोषण को दूर करने के उद्देश्य से "मां"(मदर्स एब्सल्यूएट एफेक्शन) कार्यक्रम 29 अगस्त से प्रदेश के सभी जिलों में प्रारंभ कर दिया गया। ’"मां" कार्यक्रम में स्तनपान व शिशु आहार के संरक्षण के लिए सामुदायिक स्तर एवं चिकित्सा केन्द्र स्तर पर व्यापक वातावरण विकसित किया जायेगा। स्तनपान के महत्व को बढ़ाने के लिए आशा सहयोगिनियों एवं अन्य स्वास्थ्यकार्मिकों के सहयोग से गर्भवती महिलाओं,  धात्री माताओं उनके परिजनों सहित जनसमुदाय को स्तनपान के महत्व के बारे में जानकारी दी जायेगी। नवजात को 6 माह तक केवल स्तनपान एवं 5 वर्ष तक मां के दूध के साथ-साथ पोषक आहार पर ध्यान देकर शिशु मृत्यु में 19 प्रतिशत तक कमी लायी जा सकती है।

      राजस्थान मूल के पत्रकार श्री ओ.पी. यादव को डॉ. राधाकृष्णन राष्ट्रीय पुरस्कार

       

      अखिल भारतीय स्वतंत्र पत्रकार एवं लेखक संघ और नेशनल मीडिया नेटवर्क द्वारा डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की 129वीं जयंती पर आयोजित 32वें डॉ. एस. राधाकृष्णन स्मृति समारोह में नई दिल्ली के कॉस्टीट्युशन क्लब में सितम्बर में आयोजित एक समारोह में राजस्थान के जयपुर निवासी और डी.डी. न्यूज के सम्पादक श्री ओ.पी. यादव को ‘‘डॉ.एस. राधाकृष्णन राष्ट्रीय मीडिया पुरस्कार’’ से सम्मानित किया गया। श्री यादव को यह पुरस्कार मीडिया के जरिये ग्रामीण भारत में शिक्षा जागरूकता से संबंधित डी.डी.न्यूज और डी.डी. किसान चैनल पर समाचार कार्यक्रमों  के प्रसारण के लिये दिया गया है

      राजस्थान के 14 शिक्षक "राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार" 

       

      नई दिल्ली के विज्ञान भवन में राष्ट्रपति श्री प्रणव मुखर्जी ने शिक्षक दिवस पर आयोजित एक समारोह में राजस्थान के  14 शिक्षकों को राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार-2015 एवं राज्य के दो शिक्षकों को ’’नेशनल आईसीटी अवार्ड-2015‘‘ से सम्मानित किया।  राष्ट्रपति द्वारा शिक्षकों को सम्मानस्वरूप प्रत्येक को रजत पदक और 50 हजार की पुरस्कार राशि का चैक सहित प्रमाण-पत्र प्रदान किया गया। 
      राष्ट्रपति श्री प्रणब मुखर्जी ने राजस्थान के डॉ. भागीरथ सिंह, शारीरिक शिक्षक, राजकीय माध्यमिक विद्यालय, लवेरा खुर्द, बवागी, जोधपुर, श्री यासिन खान चौहान, शारीरिक शिक्षक, राजकीय माध्यमिक विद्यालय, कांधरान, राजगढ़ जिला-चूरू, श्री जगदीश प्रसाद शर्मा, शिक्षक, राजकीय माध्यमिक विद्यालय, अरौदा, भरतपुर, श्री राजेश ओझा, शारीरिक शिक्षक, राजकीय आदर्श उच्च माध्यमिक विद्यालय, ओमसेर, भीलवाड़ा, श्रीमती कल्पना दाधीच, अध्यापिका, राजकीय बालिका उच्च प्राथमिक विद्यालय, बेरा मगरा, पूंजला जिला जोधपुर, श्री सोहन लाल वासवानी, शिक्षक, राजकीय प्राथमिक विद्यालय भीलबस्ती अम्बेडकर कॉलोनी, आबूपर्वत, सिरोही, श्री मीठालाल जोशी, प्रधानाध्यापक, राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय नं0.-1 तखतगढ़ जिला पाली, डॉ. तेजराज मेवाढ़ा, प्रधानाध्यापक (शारीरिक शिक्षा) राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय प्रतापनगर, भीलवाड़ा, श्री रूपाराम पटेल, व्याख्याता (संस्कृत) राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, डोली, जोधपुर, श्रीमती गीता बलवडा, व्याख्याता (गृह विज्ञान), राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय, बारहगुवाड, बीकानेर, श्री सुरेश चन्द्र पाटीदार, वरिष्ठ अध्यापक (अंग्रेजी) आदर्श गोपीभाई-बेहरूलाल भूरिया राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, केसुन्दा, प्रतापगढ, श्रीमती निर्मला देवी, व्याख्याता (हिन्दी) राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय छावनी सीकर, श्री राम िंसंह जाट, शिक्षक, राजकीय उच्च प्राथमिक संस्कृत विद्यालय गोल बोबाडी, जयपुर, डॉ. अलका पालीवाल, वरिष्ठ अध्यापक (हिन्दी) राजकीय वरिष्ठ उच्च संस्कृत विद्यालय चांदपोल, उदयपुर को राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार-2015 से सम्मानित किया।

      टैक्स गुरू  सुभाष लखोटिया का निधन

       

      देश के जाने माने टैक्स विशेषज्ञ और प्रवासी राजस्थानी सुभाष लखोटिया का 11 सितंबर  रविवार रात नई दिल्ली में देहांत हो गया था। वे पिछले लंबे समय से कैंसर से पीड़ित थे। सुभाष लखोटिया अपने विषय के विशेषज्ञ, बहुत ही लगनशील व कर्मठ व्यक्तिव के धनी थे। वे अपनी बात को बेबाक ढंग से रखने के लिए विख्यात थे। देश के मशहूर चार्टेड अकाउंटेन्ट व कर सलाहकार के रूप में उन्होंने सरल हिंदी में अपनी पुस्तको के द्वारा जागरूकता पैदा की। उन्होंनेे मीडिया के माध्यम से कर संबंधी पेचदिगियाें को सरल ढंग से रखा और अपनी बेबाक राय आमजन तक पहुंचाने का काम किया। वे अपने पिता रामनिवास लखोटिया द्वारा स्थापित संस्था राजस्थान एकेडमी से जीवन पर्यंत जुड़े रहे और दिल्ली के स्कूली बालक बालिकाओ की विगत 30 वर्षों से भी अधिक समय तक राजस्थानी लोकगीत और नृत्य प्रतियोगिता के आयोजन में सक्रिय भूमिका निभाते रहे। 

      पत्रकार श्री ओ.पी. यादव राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित  

       

      राज्य के जयपुर  निवासी और डी.डी. न्यूज, नई दिल्ली में सम्पादक श्री ओ.पी. यादव को 14 सितम्बर को राजभाषा दिवस पर ’’राष्ट्रपति पुरस्कार‘‘ से सम्मानित किया। गृह मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा हिन्दी दिवस के अवसर पर राष्ट्रपति भवन मे बुधवार को आयोजित एक राजकीय समारोह में राष्ट्रपति श्री प्रणब मुख्रजी ने श्री ओ.पी. यादव को राजभाषा गौरव पुरस्कार का प्रतीक चिन्ह और प्रमाण-पत्र के साथ प्रोत्साहन राशि का चैक देकर सम्मानित किया। 

      राजस्थान मूल के पत्रकार श्री ओ.पी. यादव आयुवेट मीडिया एक्सीलेंस अवार्डसम्मान 

       

      19 अक्टूबर। राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्ली के पी.एच.डी. चैम्बर ऑफ कॉमर्स एण्ड इण्डस्ट्री सभागार में आयोजित अन्तर्राष्ट्रीय आयुवेट नॉलेज सिम्पोजियम में देश के सूखा प्रभावित राज्यों में हाइड्रोपोनिक्स (बिना जमीन के खेती) कल्चर को मीडिया के जरिए बढावा देने के लिए डी.डी. न्यूज नई दिल्ली में सम्पादक श्री ओ.पी. यादव को ‘‘ आयुवेट मीडिया एक्सीलेंस’’ अवार्ड से सम्मानित किया गया।  

      जनार्दन सिंह गहलोत राजस्थान राज्य भण्डार व्यवस्था निगम के संचालक एवं मण्डल के अध्यक्ष नियुक्त 

       

      राज्य सरकार ने 5 सितम्बर को एक आदेश जारी कर श्री जनार्दन सिंह गहलोत को राजस्थान राज्य भण्डार व्यवस्था निगम का संचालन एवं संचालन मण्डल का अध्यक्ष नियुक्त किया है। आदेशानुसार इनका कार्यकाल तीन वर्ष का होगा। 

      वर्ल्ड क्राफ्ट्स काउंसिल द्वारा जयपुर शहर वर्ल्ड क्राफ्ट सिटी घोषित

       

      जयपुर शहर को वर्ल्ड क्राफ्ट काउंसिल द्वारा गई क्राफ्ट सिटी घोषित किया गया है। वर्ल्ड क्राफ्ट्स काउंसिल की 18वीं महासभा की बैठक 22 से 29 सितंबर 2016 को इस्फहान (ईरान) में आयोजित की गई, इसमें वर्ल्ड क्राफ्ट्स काउंसिल द्वारा घोषित गई क्राफ्ट सिटीज को विशेष समारोह में प्रमाण पत्र प्रदान किया। वर्ल्ड क्राफ्ट्स काउंसिल के चेयरमैन वांग शेंग ने जयपुर शहर के महापौर को वर्ल्ड क्राफ्ट सिटी का प्रमाण पत्र प्रदान किया।

       राजस्थान के श्री देवेन्द्र झाझड़िया को 75 लाख रुपये का नगद अवार्ड





      केन्द्रीय खेल राज्यमंत्री श्री विजय गोयल ने राजस्थान के जाने-माने खिलाड़ी और पैरा ओलंपिक में जैवलिन थ्रो (भाला फैंक) के स्वर्ण पदक विजेता श्री देवेन्द्र झाझड़िया को 75 लाख रुपये का कैश अवार्ड प्रदान कर सम्मानित किया।
      राजस्थान के चूरू जिले के रहने वाले झाझरिया ने रियो पैरालम्पिक में मंगलवार को पुरुषों की भाला फेंक स्पर्धा (एफ46) में विश्व कीर्तिमान रचते हुए स्वर्ण पदक हासिल किया। इससे पहले भी विश्व कीर्तिमान झाझरिया के ही नाम था, जो उन्होंने एथेंस ओलम्पिक में बनाया था। एथेंस ओलम्पिक में भी झाझरिया के नाम स्वर्ण पदक रहा था। झाझरिया ने रियो डी जनेरियो में अपने पूर्व 62.15 मीटर के रिकॉर्ड में सुधार करते हुए तीसरे प्रयास में 63.97 मीटर की सर्वश्रेष्ठ दूरी हासिल की और नया विश्व कीर्तिमान रचा। 

      पूर्ण ओ.डी.एफ की स्थिति प्राप्त करने के लिए राजस्थान के दो जिले सम्मानित





      नई दिल्ली के विज्ञान भवन में 30 सितम्बर, 2016 को स्वच्छ भारत सम्मेलन में राजस्थान के बीकानेर एवं अजमेर जिलों को पूर्ण रूप से खुले में शौच से मुक्त (ओ.डी.एफ.) होने के लिए सम्मानित किया गया। यह पुरस्कार स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) राजस्थान की निदेशक डॉ. आरूषि मलिक ने केन्द्रीय ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज्य मंत्री श्री नरेन्द्र सिंह तोमर, केंद्रीय मंत्री श्री वेकैया नायडू के हाथों से ग्रहण किया। सम्मान प्रमाण पत्र प्राप्त करने के बाद डॉ. आरूषि मलिक ने बताया कि राजस्थान में त्रि-स्तरीय ओ.डी.एफ सत्यापन प्रणाली को अपनाया गया है, जिसके तहत ग्राम पंचायत, ब्लॉक और जिला स्तर सत्यापन किया गया। इंटर जिला सत्यापन और राज्य स्तर सत्यापन के बाद जिले को ओ.डी.एफ घोषित किया गया है। जिला स्तर पर  बीकानेर में ‘‘बॉको बीकाणों’’, अजमेर  में ‘‘अच्छों अजमेर’’, चूरू में ‘‘चौखो चूरू’’ और बूंदी में ‘अच्छी बूंदी’ आदि अभियानोें के माध्यम से जिलों में स्वच्छता मिशन के कार्यक्रम चलाये जा रहे हैं।

      खजूर की खेती के लिए 12 जिले चयनित

       

      राज्य की सूक्ष्म एवं गर्म जलवायु खजूर की खेती के लिए वरदान साबित हो रही है। उद्यान विभाग ने खजूर की खेती को बढ़ावा देने के लिए उत्तर-पश्चिमी राजस्थान के 12 जिलों जैसलमेर, बाड़मेर, जोधपुर, बीकानेर, हनुमानगढ़, श्रीगंगानगर, नागौर, पाली, जालौर, झुंझुनूं, सिरोही और चूरू का चयन किया है। प्रदेश में 813 हैक्टेयर क्षेत्र पर खजूर की खेती की जा रही है तथा वर्ष 2016-17 में 150 हैक्टेयर क्षेत्र को और शामिल करने का लक्ष्य है। राज्य में खजूर की सात किस्में बारही, खुनेजी, खालास, मेडजूल, खाद्रावी, जामली एवं सगई की खेती की जा रही है। टिशू कल्चर तकनीक पर खजूर की खेती करने वाले किसानों को राज्य सरकार द्वारा 75 प्रतिशत अनुदान या अधिकतम प्रति हैक्टेयर 3 लाख 12 हजार 450 रुपये की राशि दी जा रही है। भारत-इजरायल के सहयोग से सागरा-भोजका फार्म पर खजूर पर अनुसंधान कार्य चल रहा है। 

      अमृत योजना में राजस्थान का बेहतरीन प्रदर्शन केन्द्र सरकार ने किया 20 करोड़ 80 लाख की प्रोत्साहन राशि से सम्मानित

       

      नई दिल्ली के विज्ञान भवन में 30 सितम्बर को स्वच्छ भारत सम्मेलन में राजस्थान को अमृत योजना के कार्यान्वयन में बेहतरीन प्रदर्शन करने पर केन्द्र सरकार द्वारा 20 करोड़ 80 लाख की प्रौत्साहन राशि का चैक प्रदान कर सम्मानित किया गया। प्रोत्साहन राशि का चैक एवं स्मृति चिन्ह केन्द्रीय ग्रामीण विकास एवं पंचायती राजमंत्री की श्री नरेन्द्र सिंह तोमर, केंद्रीय मंत्री श्री वेकैया नायडू के हाथों राजस्थान के स्थानीय निकाय विभाग के प्रमुख सचिव डॉ. मंजीत सिंह, रूडसिको के कार्यकारी निदेशक डॉ. बी.एल. जटावत एवं स्थानीय निकाय विभाग के निदेशक डॉ. पुरूषोत्तम बियानी ने ग्रहण किया। डॉ. मंजीत सिंह ने बताया कि भारत सरकार की अमृत योजना राजस्थान के 29 शहरों में संचालित की जा रही है। जिसके तहत् पेयजल आपूर्ति, सीवरेज कार्यो, टॉयलेट निर्माण आदि कार्य किये जा रहे है। राज्य सरकार के अथक प्रयासों एवं केन्द्रीय सहयोग से अमृत योजना के सभी मापदंड़ों पर हमने सफलता पाई है। जिसके लिये केन्द्र सरकार द्वारा 20 करोड़ 80 लाख की प्रौत्साहन राशि प्रदान की है।

       डॉटर्स आर प्रीसियसअभियान का शुभारंभ

       

      चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की पीसीपीएनडीटी इकाई द्वारा 3 अक्टूबर को स्थानीय कनोडिया महिला महाविद्यालय में ‘डॉटर्स आर प्रीसियस’ अभियान का शुभारंभ किया गया। अध्यक्ष राज्य समुचित प्राधिकारी, पीसीपीएनडीटी एवं मिशन निदेशक श्री नवीन जैन ने इस अवसर पर आयोजित  सेमीनार को संबोधित करते हुए युवाओं से इस मुहिम में सक्रिय सहभागिता की अपील की। ‘डॉटर्स आर प्रीसियस’ अभियान का मुख्य उद्देश्य बेटी बचाओ अभियान जैसे संवेदनशील मुद्दे से अधिक से अधिक युवाओं को जोड़ना है।

      न्यायमूर्ति झवेरी राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त

       

      जयपुर, 18 अक्टूबर। राज्य सरकार ने आदेश जारी कर राजस्थान उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति श्री कल्पेश सत्येन्द्र झवेरी को राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण का कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त किया है। आदेश के अनुसार श्री झवेरी को कार्यभार संभालने की तिथि से उनकी सेवानिवृत्ति की दिनांक तक के लिए राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण का कार्यकारी  अध्यक्ष नियुक्त किया है। 
       

      श्री जनार्दन सिंह गहलोत को मिलेगी केबिनेट स्तर की सुविधाएं 

       

      जयपुर 20 अक्टुबर। राजस्थान राज्य भण्डार व्यवस्था निगम के अध्यक्ष श्री जनार्दन सिंह गहलोत को केबिनेट स्तर की सुविधाऎं मिलेगी। श्री गहलोत को मिलने वाली सुविधाओं पर होने वाला व्यय राजस्थान राज्य भण्डार व्यवस्था निगम द्वारा वहन किया जायेगा। उल्लेखनीय है कि श्री जनार्दन सिंह गहलोत को राज्य सरकार द्वारा 22 सितम्बर 2016 से केबिनेट मंत्री स्तर का दर्जा प्राप्त है।

      राज्य में नगर वन उद्यान योजना शुरू

       

      जयपुर, 21 अक्टूबर। मुख्यमंत्री बजट घोषणा के अनुरूप राज्य में नगर वन उद्यान योजना लागू की गई है। यह योजना राज्य के पांच जिलों में शुरू की गयी है। इस योजना के लिए प्रस्तावित राशि में 20 प्रतिशत राज्य सरकार द्वारा वहन की जायेगी। पांचों जिलों के चयनित नगरों में 308 हैक्टेयर क्षेत्र में वृक्षारोपण किया जायेगा। इनमें स्थानीय प्रजातियों के वृक्ष, औषधीय पौधे, जोगिंग टे्रक एवं साईकिल टे्रक जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध करवायी जायेगी।  
      1. जयपुर के मुहाना नगरीय  क्षेत्र में लगभग 136 लाख रुपये में 68 हैैक्टेयर क्षेत्र
      2. अजमेर के महुआ बीर नगरीय क्षेत्र में लगभग 150 लाख रुपये में 75 हैक्टेयर
      3. कोटा के भदाना नगरीय क्षेत्र में लगभग 60 लाख रुपये में 30 हैक्टेयर
      4. उदयपुर के चिरवाघाटा नगरीय क्षेत्र में लगभग 160 लाख रुपये में 80 हैक्टेयर तथा 
      5. चूरू के रतनगढ़ नगरीय क्षेत्र मेंं 110 लाख रुपये में 55 हैक्टेयर क्षेत्र

      प्रो. जाट किसान आयोग के अध्यक्ष नियुक्त

       

      जयपुर, 21 अक्टूबर। राज्य सरकार ने पूर्व केन्द्रीय मंत्री और अजमेर से लोकसभा सदस्य प्रो. सांवरलाल जाट को राज्य किसान आयोग का अध्यक्ष नियुक्त किया है। प्रो. जाट ने इसके लिए मुख्यमंत्री श्रीमती वसुन्धरा राजे का आभार जताया है। प्रो. जाट की नियुक्ति तीन साल के लिए की गई है। प्रो. जाट इससे पूर्व केन्द्र सरकार में जल संसाधन राज्य मंत्री तथा राज्य सरकार में भी विभिन्न विभागों के मंत्री रहे हैं।

      देश में सीएसआर फण्ड की वृद्धि में राजस्थान दूसरे स्थान पर 

                  

      जयपुर, 26 अक्टूबर।  नये कम्पनी एक्ट के प्रावधानानुसार जिस भी कम्पनी की कुल शुद्ध सम्पति 500 करोड़ रुपये या अधिक हो अथवा कम्पनी का राजस्व 1000 करोड़ रुपये या अधिक हो, या शुद्ध लाभ 5 करोड़ रुपये से अधिक हो के द्वारा सामाजिक दायित्व हेतु गत तीन वित्तीय वर्षों के औसत शुद्ध लाभ का 2 प्रतिशत सीएसआर में देय होगा।  राज्य में कॉरपोरेट्स द्वारा किये गये सामाजिक दायित्व के सम्बन्ध में प्राईम डाटा बेस द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार वित्तीय वर्ष 2015-16 में सीएसआर फण्ड में राशि 466.64 करोड़ रुपये खर्च की गयी, जो कि वित्तीय वर्ष 2014-15 में खर्च की गयी राशि 317.07 करोड़ रुपये से 149.56 करोड़ अधिक है। इस दृष्टि से राजस्थान का आन्ध्र प्रदेश के बाद देश में दूसरा स्थान है। प्राइम डेटा बेस द्वारा जारी आकड़ों के अनुसार सर्वाधिक सीएसआर प्राप्त करने वाले देश के 10 प्रमुख राज्यों में राजस्थान का चौथा स्थान है। राज्य द्वारा 466.64 करोड़ रुपये सीएसआर फण्ड प्राप्त किया गया है, जो कि देश के कुल सीएसआर का 5.60 प्रतिशत है।

      श्री चन्द्रशेखर मूथा मुख्य निर्वाचन अधिकारी पदाभिहित


      जयपुर, 10 नवम्बर। राज्य निर्वाचन आयोग ने एक आदेश जारी कर राजस्थान पंचायतीराज संस्थाओं और नगर पालिकाओं के सभी निर्वाचनों के लिए निर्वाचक नामावलियों की तैयारी, परीक्षण और शुद्धि के पर्यवेक्षण के लिए एवं उक्त निर्वाचनों के संचालन का पर्यवेक्षण करने के लिए श्री चन्द्रशेखर मूथा, सचिव, राज्य निर्वाचन आयोग को मुख्य निर्वाचन अधिकारी के पद पर पदाभिहित किया है।

      सौर ऊर्जा में कौशल प्रशिक्षण के लिए एमओयू हस्ताक्षर

       

      जयपुर, 16 नवबंर। कौशल, नियोजन एवं उद्यमिता विभाग द्वारा सौर ऊर्जा के क्षेत्र में प्रशिक्षण प्रदाताओं को प्रशिक्षण उपलब्ध करवाया जाएगा। आयुक्त, कौशल, नियोजन एवं उद्यमिता श्री कृष्ण कुणाल द्वारा इस संबंध में आईएलडी (इंस्टीट्यूट ऑफ लीडरशिप डवलपमेंट) तथा श्नाइडर इलेक्टि्रक इंडिया फाउन्डेशन (एसईआईएफ) के साथ एमओयू साइन किया गया। श्री कुणाल ने बताया कि इस एमओयू के द्वारा राज्य में सौर ऊर्जा के क्षेत्र में युवाओं को प्रशिक्षण के रास्ते खुलेंगे।

      समाज में पहचान देने के लिए ट्रांसजेण्डरों के बनेंगे परिचय पत्र

       

      जयपुर, 16 नवम्बर। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के निदेशक श्री रवि जैन की अध्यक्षता में निदेशालय के सभागार में ट्रांसजेण्डरों के सम्बंध में समस्त जिला अधिकारियों की राज्य स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। श्री जैन ने जिलाधिकारियों को निर्देश दिये कि ट्रांसजेण्डर वर्ग को समाज की मुख्य धारा में लाने एवं उन्हें पहचान देने के लिए परिचय पत्र सहित अन्य योजनाओं में लाभान्वित किया जाना। कार्यशाला में दिल्ली यूएनएसडीपी के प्रतिनिधियों ने ट्रांसजेण्डरों के अधिकारों के लिए भारत सरकार एवं विभिन्न राज्य सरकार द्वारा अब तक किये कार्यो एवं उनके साथ होने सामाजिक, मानसिक, शारीरिक शोषण से सम्बधित समस्याओं  पर प्रकाश डाला गया। अतिरिक्त निदेशक श्री अशोक जांगिड़ ने जिला अधिकारियों को निर्देश दिये कि ट्रांसजेण्डरों को जिला स्तरीय कमेटी के माध्यम से परिचय पत्र बनाये जाना है। जिला स्तरीय कमेटी जिला कलक्टर की अध्यक्षता में होगी तथा विभाग का अधिकारी सदस्य सचिव व मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, मानसिक चिकित्सक तथा ट्रासंजेण्डर के प्रतिनिधि सदस्य होगें।

      उदयपुर एवं बीकानेर जिलों में नगर सुधार न्यासों के अध्यक्ष मनोनीत

       

      जयपुर 17 नवम्बर। राज्य सरकार ने एक अधिसूचना जारी कर श्री रविन्द्र श्रीमाली को  नगर सुधार न्यास, उदयपुर एवं श्री महावीर रांका को नगर सुधार न्यास, बीकानेर का अध्यक्ष मनोनीत  किया। इनका कार्यकाल कार्यग्रहण करने की तिथि से तीन वर्ष का होगा।

      राजस्थान के तीन शहरों को सोलर सिटी बनाने के प्रस्ताव केन्द्र द्वारा मंजूर

       

      जयपुर, 17 नवम्बर। राजस्थान के अजमेर, जयपुर और जोधपुर शहरों को सोलर सिटी बनाने के प्रस्ताव को केन्द्र सरकार द्वारा मंजूरी प्रदान कर की है। अजमेर के लिए, 50 लाख और जोधपुर के लिए, 43.50 लाख रूपये स्वीकृति प्रदान की है। जयपुर के लिए भी शीघ्र ही बजट आवंटन होने की उम्मीद है। डवलपमेंट ऑफ सोलर पार्क्स एण्ड अल्ट्रा मेगा सोलर पॉवर प्रोजेक्ट स्कीम के अंतर्गत केन्द्र सरकार द्वारा राजस्थान में भाडला फेज-द्वितीय, सोलर पार्क (680 मेगावाट) भाडला फेज-तृतीय (1000 में मेगावाट), भाडला फेज-चार (500 मे मेगावाट), फलौदी पोकरण सोलर पार्क (1000 मे मेगावाट), फतहगढ़ प्रथम सोलर पार्क-प्रथम ब (321 मे मेगावाट) सोलर पार्क्स की स्वीकृति प्रदान की गई है। इससे राजस्थान में सोलर पॉवर क्षमता में काफी वृद्धि होगी।

       शॉर्टपुट में कचनार चौधरी ने हासिल किया गोल्ड

       


      कोयम्बटूर में 11 नवम्बर को आयोजित 32वें जूनियर राष्ट्रीय एथलेटिक्स टूर्नामेंट में अण्डर 18 (गल्र्स) शॉर्टपुट इवेंट में सुश्री कचनार चौधरी ने नया रिकॉर्ड स्थापित कर गोल्ड मेडल हासिल किया था। 

      राजस्थान गौ संरक्षण एवं संवर्धन निधि का गठन  

       

      जयपुर 22 नवम्बर। राज्य सरकार ने एक अधिसूचना जारी कर गाय और उसकी नस्ल के संरक्षण और संवर्धन के लिए राजस्थान गौ संरक्षण एवं सवंर्धन निधि का गठन किया है।  अधिसूचना के अनुसार गौवंश के संरक्षण एवं उनका भली- भांति पालन-पोषण करने के लिए गठित इस निधि के मुख्य उदेश्य गौवंश के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए विकास कार्यों और योजनाओं में सहयोग करना, गौशाला एवं कांजी हाउस में रहने वाले गौवंश के संरक्षण एवं संवर्धन हेतु आर्थिक सहयोग देना है। अधिसूचना में बताया गया है कि गौसंरक्षण एवं संवर्धन निधि की धन राशी के उपयोग हेतु मुख्य सचिव की अध्यक्षता में एक सलाहकार समिति का गठन भी होगा । पशुपालन एवं गोपालन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव निधि के सदस्य सचिव होंगे। समिति के सदस्यों में कृषि, वित्त, स्वायत्त शासन, ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज, आपदा प्रबन्धन एवं सहायता विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव, पंजीयन एवं मुद्रांक, पशुपालन एवं गोपालन विभाग के निदेशक होंगे। इसी प्रकार प्रत्येक जिले में जिला कलेक्टर की अध्यक्षता में एक गोपालन समिति का गठन भी किया जाएगा। जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी, कोषाधिकारी एवं कृषि विभाग के उप निदेशक इसके सदस्य होंगे जबकी पशुपालन विभाग के संयुक्त निदेशक इसके सदस्य सचिव होंगे। 

      मल्टी स्टोरी बिल्डिंग्स के कुल बिल्ट अप एरिया पर 42 रुपए प्रति वर्ग फीट की दर से दिया जाएगा पानी 

       

      जयपुर, एक दिसंबर। जलदाय मंत्री श्रीमती किरण माहेश्वरी की अध्यक्षता में जयपुर शहर में जी प्लस 2 से अधिक ऊंचाई की बहुमंजिला इमारतों को पेयजल संबंध बहुप्रतीक्षित नीति जारी कर दी गई है। नई नीति के अनुसार घरेलू एवं व्यवसायिक उपयोग की बहुमंजिला इमारतों की पंजीकृत सोसायटी को परिसर में एक बल्क कनेक्शन जारी करने का निर्णय लिया है। इसमें संस्थानिक एवं औद्योगिक परिसरों के लिए अलग परिपत्र जारी किया जाएगा। निर्णय के अनुसार कनेक्शन जारी करते समय सोसायटी को 42 रुपए प्रति वर्गफिट बिल्टअप एरिया पर ‘‘एक मुश्त राशि’’ जमा करानी होगी। 

      अनुजा निगम को राष्ट्रपति पुरस्कार 


      अंतर्राष्ट्रीय विकलांग दिवस के अवसर पर 3 दिसम्बर, 2016 को राजस्थान अनुसूचित जाति जनजाति वित्त एवं विकास सहकारी निगम (अनुजा निगम) को भारत में दिव्यांग व्यक्तियों को सबसे ज्यादा ऋण दिलाने के कारण उत्कृष्ट चैनलाइजिंग एजेन्सी के रूप में राष्ट्रपति द्वारा नई दिल्ली में राष्ट्रपति पुरस्कार दिया गया।

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        Rajasthan Current Affairs - 2016 Rajasthan Current Affairs - 2016 Reviewed by asdfasdf on December 26, 2016 Rating: 5
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